काडमांडू, 3 नवंबर 2026 : नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक बड़ा हेलिकॉप्टर हादसा हो गया। सोलुखुम्बु जिले के फेरीचे हेलीपैड पर लैंडिंग के दौरान दो हेलिकॉप्टर आपस में टकरा गए। इस हादसे में एक भारतीय पर्यटक की मौत हो गई, जबकि न्यूजीलैंड का एक नागरिक और दोनों हेलिकॉप्टरों के पायलट घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दोनों हेलिकॉप्टरों के रोटर ब्लेड आपस में टकराए थे। हादसा सुबह करीब 8:11 बजे हुआ। इस दुर्घटना में फिशटेल एयर और एयर डायनेस्टी के हेलिकॉप्टर शामिल थे। दोनों हेलिकॉप्टर अलग-अलग दिशाओं से आ रहे थे और एक ही हेलीपैड पर उतरने की कोशिश कर रहे थे।

हादसे में भारतीय पर्यटक की मौत, 3 लोग घायल

नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, फिशटेल एयर के हेलिकॉप्टर में सवार भारतीय पर्यटक वसंत कुमार बालारामारामाडु की हादसे में मौत हो गई। इसी हेलिकॉप्टर में न्यूजीलैंड के नागरिक शैलेश कृष्ण पटेल भी सवार थे। वे भारतीय मूल के हैं और दुर्घटना में घायल हुए हैं। इसके अलावा दोनों हेलिकॉप्टरों के पायलट भी घायल बताए गए हैं। इस तरह हादसे में एक व्यक्ति की मौत और तीन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

एक ही हेलीपैड पर उतरने की कोशिश में टकराए हेलिकॉप्टर

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक हेलिकॉप्टर लुकला से फेरीचे की ओर आ रहा था, जबकि दूसरा एवरेस्ट बेस कैंप के पास स्थित गोरक्षेप से लौट रहा था। दोनों हेलिकॉप्टर अलग-अलग दिशाओं से एक ही हेलीपैड पर उतरने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उनके रोटर ब्लेड आपस में टकरा गए और दोनों हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गए। शुरुआती रिपोर्ट में हेलीपैड पर बर्फ जमी होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, यह हादसे की वजह थी या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा।

घायल को रेस्क्यू कर काठमांडू पहुंचाया गया

इस हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान युद्ध स्तर पर चलाया गया। घायल शैलेश कृष्ण पटेल को प्रभु हेलिकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू कर काठमांडू के मेडिसिटी अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, मृतक भारतीय पर्यटक का शव लुकला के अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद दोनों क्षतिग्रस्त हेलिकॉप्टरों की जांच की जा रही है। दुर्घटना के समय दोनों हेलिकॉप्टरों में कुल कितने लोग सवार थे हालांकि इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

4,371 मीटर की ऊंचाई पर स्थि त है फेरीचे हेलीपैड

नेपाल का फेरीचे हेलीपैड समुद्र तल से करीब 4,371 मीटर यानी 14,340 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह एवरेस्ट क्षेत्र में हेलिकॉप्टर सेवाओं का एक प्रमुख केंद्र है। इस इलाके में पर्वतारोहियों और ट्रेकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों को हेलिकॉप्टर के जरिए मदद पहुंचाई जाती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सांस लेने में परेशानी, अचानक तबीयत बिगड़ने या दुर्घटना होने पर लोगों को हेलिकॉप्टर से निचले इलाकों और अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है।

4 दिन पहले उत्तराखंड में हेलिकॉप्टर क्रैश, 6 लोगों की मौत

नेपाल में हुए इस हादसे से चार दिन पहले उत्तराखंड के चमोली जिले में भी हेलिकॉप्टर दुर्घटना हुई थी। 30 अक्टूबर को बद्रीनाथ से देहरादून लौट रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलिकॉप्टर जोशीमठ के पास चाई गांव के नजदीक क्रैश हो गया था। इस हादसे में पायलट समेत हेलिकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई थी। इनमें पांच यात्री कर्नाटक के रहने वाले थे। हेलिकॉप्टर ने दोपहर 1:14 बजे बद्रीनाथ से उड़ान भरी थी। इसके बाद जोशीमठ घाटी के ऊपर उसका संपर्क टूट गया था। इस दुर्घटना की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) कर रहा है।

पहाड़ी इलाकों में हेलिकॉप्टर हादसों की 6 बड़ी वजह

नेपाल और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर उड़ाना और लैंडिंग करना चुनौतीपूर्ण होता है। यहां मौसम, ऊंचाई और भौगोलिक परिस्थितियां उड़ान को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे हादसों के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं।

  1. अचानक मौसम बदलना : पहाड़ों में मौसम तेजी से बदलता है। बादल, बारिश और बर्फबारी के कारण दृश्यता कम हो सकती है।
  2. तेज हवाएं : पहाड़ी घाटियों में हवा की दिशा और गति अचानक बदल सकती है, जिससे हेलिकॉप्टर का संतुलन प्रभावित हो सकता है।
  3. कम दृश्यता : घना कोहरा, बादल और बर्फबारी के दौरान पायलट को लैंडिंग के समय आसपास की स्थिति देखने में परेशानी हो सकती है।
  4. ऊंचाई का असर : अधिक ऊंचाई पर हवा का घनत्व कम होता है। इससे हेलिकॉप्टर के इंजन और रोटर की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
  5. सीमित लैंडिंग एरिया : पहाड़ी इलाकों में हेलीपैड छोटे और आसपास से बाधित हो सकते हैं। ऐसे स्थानों पर एक साथ कई हेलिकॉप्टरों की आवाजाही जोखिम बढ़ा सकती है।
  6. तकनीकी खराबी और मानवीय चूक : मशीनों में खराबी, संचार में कमी, उड़ान प्रबंधन या एयर ट्रैफिक कोऑर्डिनेशन में गड़बड़ी भी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

हालांकि नेपाल के फेरीचे हेलीपैड पर हुए ताजा हादसे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।