तेहरान/वॉशिंगटन, 21 अक्टूबर 2026 : ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने से पहले अपनी शर्तें पूरी करने की मांग दोहराई है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने साफ कहा है कि देश का एक ग्राम भी संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) बाहर नहीं भेजा जाएगा। उनका कहना है कि जब तक अमेरिका भरोसा बहाल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाता और ईरान की शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक बातचीत नहीं होगी। रजाई ने यह बयान पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के ईरान दौरे के दौरान दिया। मुनीर अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर शुरू कराने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं सात शर्तें
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा है कि अमेरिका को ईरान का भरोसा जीतने के लिए उसकी सात शर्तें पूरी करनी होंगी। ईरान की प्रमुख मांगों में अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करना, उसके तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटाना और क्षेत्र में जारी संघर्ष रोकना शामिल है। ईरान का कहना है कि दबाव और धमकियों के बीच बातचीत आगे नहीं बढ़ सकती। राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने भी पाकिस्तान के सेना प्रमुख से मुलाकात के दौरान अमेरिकी दबाव और प्रतिबंधों को लेकर तेहरान का रुख दोहराया।
परमाणु कार्यक्रम बना बातचीत में सबसे बड़ी बाधा
ईरान का परमाणु कार्यक्रम अमेरिका के साथ समझौते की राह में प्रमुख विवाद बना हुआ है। इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान की यूरेनियम संवर्धन क्षमता में ठोस कमी की मांग की है। वहीं, ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बताता रहा है और अपने परमाणु संसाधनों को देश के भीतर रखने पर जोर दे रहा है।
एनरिच्ड यूरेनियम क्या है ?
एनरिच्ड यूरेनियम वह यूरेनियम होता है जिसमें यूरेनियम-235 आइसोटोप का अनुपात बढ़ाया जाता है। इसका इस्तेमाल परमाणु ऊर्जा के उत्पादन में किया जा सकता है। अधिक संवर्धन स्तर पर इसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में भी संभव है। नागरिक परमाणु ऊर्जा के लिए आमतौर पर कम संवर्धन स्तर की जरूरत होती है, जबकि हथियारों में इस्तेमाल होने वाले यूरेनियम का संवर्धन स्तर आम तौर पर करीब 90% होता है। अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता जताते रहे हैं। ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करने के आरोपों से इनकार करता है।
ट्रम्प बोले- ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे
अमेरिक के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 15 अक्टूबर को न्यूजमैक्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े पहाड़ के नीचे स्थित एक ठिकाने को निशाना बनाने की संभावना का जिक्र किया था। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ परमाणु बम का इस्तेमाल नहीं करेगा।
पाकिस्तान करा रहा बातचीत की कोशिश
पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बहाल कराने के प्रयास में तेहरान पहुंचे हैं। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान, संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। पाकिस्तान इससे पहले भी दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर चुका है। हालांकि, जून में हुए अंतरिम समझौते के बाद भी तनाव दोबारा बढ़ गया और बातचीत की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। फिलहाल ईरान की शर्तों और यूरेनियम को देश से बाहर भेजने से इनकार के कारण समझौते की राह मुश्किल बनी हुई है।
28 फरवरी से जारी है अमेरिका-ईरान संघर्ष
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और उन खाड़ी देशों में हमले किए, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। अमेरिका का कहना है कि वह ईरान की परमाणु क्षमता को कमजोर करना चाहता है, जबकि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता है। फिलहाल दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी, प्रतिबंधों और परमाणु संवर्धन को लेकर मतभेद बने हुए हैं। पाकिस्तान की मध्यस्थता से बातचीत दोबारा शुरू होने की संभावना है, लेकिन इसके लिए दोनों पक्षों को अपनी शर्तों पर सहमति बनानी होगी।




