नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026 : भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे CJP विरोध प्रदर्शनों को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों की ओर से भारत में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित कार्रवाई पर चिंता जताए जाने के बीच विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि यह भारत का घरेलू राजनीतिक मुद्दा है और अमेरिका इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में भी रोज प्रदर्शन होते हैं।

‘यह भारत का घरेलू राजनीतिक मुद्दा है’

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में CJP आंदोलन को लेकर संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह एक घरेलू राजनीतिक मुद्दा है और अमेरिका इसमें नहीं पड़ेगा। उन्होंने अमेरिका में होने वाले प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी रोज विरोध प्रदर्शन होते हैं। उनके इस बयान को भारत में जारी राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों पर अमेरिकी सरकार के रुख के तौर पर देखा जा रहा है।

CJP प्रदर्शन को लेकर क्या है पूरा विवाद ?

भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP से जुड़े प्रदर्शन चर्चा में हैं। इस आंदोलन और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठाए गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के कुछ विशेषज्ञों ने भारत में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित सख्ती पर चिंता जताई थी। रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों ने शांतिपूर्ण सभाओं पर प्रतिबंध, पुलिस की कार्रवाई, गिरफ्तारियों और छात्र कार्यकर्ताओं को निशाना बनाए जाने के आरोपों का उल्लेख किया।

UN एक्सपर्ट ने भारत में कार्रवाई पर जताई चिंता

संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने अपने बयान में कथित कार्रवाई को व्यापक और चिंताजनक पैटर्न का हिस्सा बताया। उन्होंने भारतीय अधिकारियों से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के दौरान लोगों के अधिकारों की रक्षा करने की अपील की। हालांकि, इन आरोपों और भारत सरकार की ओर से इस मामले में दिए गए आधिकारिक जवाब को अलग-अलग देखना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्ट में रुबियो की टिप्पणी मुख्य रूप से अमेरिका की ओर से इस मुद्दे में हस्तक्षेप नहीं करने के रुख को दर्शाती है।

भारत-अमेरिका के रुख पर क्यों हो रही चर्चा ?

विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयान के बाद CJP आंदोलन और उस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। एक तरफ संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने प्रदर्शनकारियों के अधिकारों को लेकर चिंता जताई है, वहीं रुबियो ने मामले को भारत का आंतरिक राजनीतिक मुद्दा बताया। इस बयान को भारत सरकार के समर्थन या संयुक्त राष्ट्र के आरोपों के खंडन के रूप में पेश करने से पहले उसके पूरे संदर्भ को समझना जरूरी है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो की उपलब्ध टिप्पणी का मुख्य संदेश यही है कि अमेरिका इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता।