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योगी का बड़ा ऐलान- 6 महीने में एक लाख नौकरियां ! अखिलेश पर भी साधा निशाना | Diarch News
योगी का बड़ा ऐलान- 6 महीने में एक लाख नौकरियां ! अखिलेश पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले छह महीने में 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। लखनऊ में 3,567 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए।
Sushil Kumar Singh
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लखनऊ, 22 सितंबर 2026 : उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा ऐलान किया है। सीएम ने कहा है कि अगले छह महीनों में प्रदेश के एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। प्रदेश सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ हर सप्ताह बड़े भर्ती कार्यक्रम आयोजित करने की बात भी कही गई है। मंगलवार यानी 22 सितंबर को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत् ने 3,567 प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं (पीजीटी) और सहायक अध्यापकों (टीजीटी) को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह नियुक्तियां राज्य सरकार से सहायता प्राप्त निजी माध्यमिक विद्यालयों में की गई हैं।
'गिनती नहीं आती तो शिवपाल के सानिध्य में बैठ जाइए'
नियुक्ति कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष और समाजवादी पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार नियुक्तियां करती रहेगी और विपक्ष आंकड़े गिनता रहेगा। योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि अगर गिनती नहीं आती तो शिवपाल यादव के सानिध्य में बैठकर गिनती सीख लेनी चाहिए। मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच आई है। राज्य सरकार की ओर से रोजगार और भर्ती को लेकर अपने कार्यकाल में किए गए कामों को प्रमुखता से रखा जा रहा है।
3,567 शिक्षकों को मिले नियुक्ति पत्र
लखनऊ के कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र से जुड़े 3,567 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, पीजीटी और टीजीटी पदों पर चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने चयनित शिक्षकों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करने की अपील की और कहा कि नियुक्ति के दौरान किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
प्रयागराज में टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों के धरने का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का भी संज्ञान लिया। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न को लागू करने सहित कई मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। योगी ने बताया कि उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंत्री को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को पत्र लिखने को कहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए एक बार की राहत या ऐसी व्यवस्था पर विचार किया जाए, जिससे उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में अवसर मिल सके।अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में पुरानी नियमावली की बहाली, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में खाली पदों पर भर्ती और अतिरिक्त अवसर दिए जाने की मांग शामिल है।
छह महीने में 1 लाख से ज्यादा नियुक्तियों का क्या है खाका ?
मुख्यमंत्री ने इससे पहले भी अगले छह महीनों में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने की बात कही थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस अभियान में पुलिस, होमगार्ड और विभिन्न भर्ती आयोगों के माध्यम से होने वाली नियुक्तियां शामिल हैं।
बताए गए आंकड़ों में :
उत्तर प्रदेश पुलिस में करीब 36 हजार नियुक्तियां प्रस्तावित हैं।
होमगार्ड में करीब 41 से 42 हजार नियुक्तियों की बात कही गई है।
यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से करीब 25 से 30 हजार अवसर बताए गए हैं।
शिक्षा क्षेत्र में करीब 20 से 25 हजार नियुक्तियों की संभावना बताई गई है।
यूपी लोक सेवा आयोग के माध्यम से करीब 15 से 16 हजार अवसरों का उल्लेख किया गया है।
इनमें से कई भर्तियां अलग-अलग चरणों में हैं, इसलिए इन्हें तत्काल नियुक्ति के बजाय आने वाले महीनों में पूरी होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं के हिस्से के रूप में देखना चाहिए।
चार दिनों में हजारों नियुक्ति पत्र
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पिछले कुछ दिनों में लगातार नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम किए गए हैं।19 सितंबर को विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इसके बाद 20 सितंबर को 912 पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। अब 22 सितंबर को शिक्षा क्षेत्र से जुड़े 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इस तरह इन कार्यक्रमों के जरिए अलग-अलग विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया को सार्वजनिक रूप से आगे बढ़ाया गया है।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर योगी का जोर
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने भर्ती संस्थाओं से विज्ञापन जारी होने से लेकर परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति तक की प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा करने की बात कही। सरकार का कहना है कि उसके कार्यकाल में करीब 9.5 लाख युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दी जा चुकी है। यह आंकड़ा मुख्यमंत्री और राज्य सरकार द्वारा सार्वजनिक कार्यक्रमों में बताया गया है।
शिक्षकों को छात्रों को सही दिशा देने की सलाह
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से छात्रों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जानकारी उपलब्ध करा सकती है, लेकिन सही और गलत के बीच अंतर समझाने में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों से छात्रों को देश के महापुरुषों की जीवनी, सामाजिक घटनाओं और समसामयिक विषयों से जोड़ने की भी बात कही।
नौकरी में लेनदेन की शिकायत पर कार्रवाई की चेतावनी
योगी ने चयनित शिक्षकों से कहा कि नियुक्ति के बाद स्कूल में जॉइनिंग के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रबंधन की ओर से किसी प्रकार के लेनदेन की मांग होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर सरकार कार्रवाई करेगी।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले रोजगार बना अहम मुद्दा
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सरकारी नौकरी और रोजगार का मुद्दा राजनीतिक बहस में प्रमुख बना हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से एक लाख से अधिक नियुक्तियों की घोषणा और लगातार नियुक्ति पत्र वितरण इसी राजनीतिक माहौल के बीच हो रहा है। वहीं विपक्ष की ओर से इन घोषणाओं पर सवाल भी उठाए गए हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में भर्ती परीक्षाओं, परिणामों और नियुक्ति पत्रों की वास्तविक प्रगति इस रोजगार अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।