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सरकारी अस्पतालों की लैब हुई डिजिटल, अब मोबाइल पर मिलेगी जांच रिपोर्ट | Diarch News
सरकारी अस्पतालों की लैब हुई डिजिटल, अब मोबाइल पर मिलेगी जांच रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में जांच रिपोर्ट को डिजिटल बनाने की दिशा में काम तेज हुआ है। LIS और HMIS के एकीकरण से मरीजों को रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से मिलने की सुविधा बढ़ रही है। आरोग्यसेतु के जरिए रिपोर्ट उपलब्ध कराने की भी तैयारी है।
Sapna Kashyap
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लखनऊ, 20 सितंबर। उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में जांच कराने वाले मरीजों के लिए रिपोर्ट हासिल करना अब पहले से आसान होने जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में लैबोरेटरी इंफॉरमेशन सिस्टम (LIS) और हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉरमेशन सिस्टम (HMIS) को जोड़ा जा रहा है। इसके जरिए जांच रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था को बढ़ाया जा रहा है। यूपी स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर भी लैब रिपोर्ट और रिजल्ट से जुड़ी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध हैं।
900 से ज्यादा सरकारी अस्पतालों की लैब डिजिटल सिस्टम से जुड़ी
दी गई जानकारी के मुताबिक प्रदेश के 900 से अधिक सरकारी अस्पतालों की लैब को LIS और HMIS से जोड़ा जा चुका है। इससे जांच के बाद रिपोर्ट डिजिटल तरीके से उपलब्ध कराई जा सकती है। इसका फायदा मरीजों के साथ डॉक्टरों को भी मिल सकता है, क्योंकि रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध होने से उसे देखने और आगे की जांच या इलाज की प्रक्रिया शुरू करने में समय कम लग सकता है।
WhatsApp और SMS से भी रिपोर्ट की सुविधा
मरीजों तक रिपोर्ट पहुंचाने के लिए WhatsApp और SMS जैसे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। दी गई जानकारी के अनुसार लाखों रिपोर्ट के संबंध में WhatsApp और SMS के जरिए संदेश भेजे गए हैं। इससे मरीजों को रिपोर्ट लेने के लिए बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत कम हो सकती है।
बार-बार रजिस्ट्रेशन से मिलेगी राहत
LIS और HMIS के एकीकरण से मरीजों को जांच प्रक्रिया में दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की परेशानी भी कम हो सकती है। जांच का परिणाम डिजिटल सिस्टम में उपलब्ध होने से डॉक्टरों को रिपोर्ट मिलने में आसानी होगी। इससे मरीज की रिपोर्ट के आधार पर आगे की चिकित्सा प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
आरोग्यसेतु से डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की तैयारी
दी गई जानकारी के अनुसार जांच रिपोर्ट को आरोग्यसेतु ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने की तैयारी है। इससे मरीज अपनी रिपोर्ट को डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के साथ साझा कर सकेंगे। यूपी स्वास्थ्य विभाग पहले से ही डिजिटल लैब रिपोर्ट और रिजल्ट सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
मरीजों को क्या होगा फायदा?
डिजिटल रिपोर्ट की सुविधा से कागजी रिपोर्ट संभालकर रखने की जरूरत कम होगी। मरीज जरूरत के समय अपनी पुरानी जांच रिपोर्ट तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे अस्पतालों में मैनुअल रिकॉर्ड और डेटा एंट्री का काम भी कम करने में मदद मिल सकती है।