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9 मौतों के बाद खुला बस का रिकॉर्ड, बिहार नंबर से राजस्थान फिटनेस और हरियाणा PUC तक सवाल
यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत के बाद बस के फिटनेस, PUC, परमिट और पुराने चालानों का रिकॉर्ड जांच के घेरे में है।
Sapna Kashyap
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नोएडा, 24 सितंबर। यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात स्लीपर बस में लगी भीषण आग में 9 यात्रियों की मौत के बाद अब बस के दस्तावेज और पुराने ट्रैफिक रिकॉर्ड भी जांच के घेरे में हैं। बिहार में रजिस्टर्ड इस बस के फिटनेस रिकॉर्ड का संबंध राजस्थान और PUC का रिकॉर्ड हरियाणा से जुड़ा बताया जा रहा है। हादसे के बाद सामने आए चालान और नियम उल्लंघनों ने बस के संचालन को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।
बिहार में रजिस्ट्रेशन, कई राज्यों से जुड़े दस्तावेज
राज कल्पना ट्रैवल्स की बस BR32PA8647 दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही थी। इसमें करीब 30 से 35 यात्री सवार बताए गए हैं। परिवहन रिकॉर्ड के अनुसार बस का रजिस्ट्रेशन 5 अप्रैल 2023 को बिहार के मधुबनी RTO में हुआ था। हादसे के बाद सामने आई जानकारी में परमिट उल्लंघन और वाहन में नियमों के विपरीत बदलाव से जुड़े मामलों का भी उल्लेख है।
राजस्थान का फिटनेस और हरियाणा का PUC
रिपोर्टों के मुताबिक बस का फिटनेस प्रमाणपत्र राजस्थान और PUC रिकॉर्ड हरियाणा से जुड़ा बताया जा रहा है। अब जांच में यह देखा जाएगा कि फिटनेस कब और किस अधिकृत केंद्र पर हुआ था। साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि हादसे से पहले बस की वास्तविक तकनीकी स्थिति क्या थी।
19 चालान और पुराने नियम उल्लंघन
बस के पुराने रिकॉर्ड में करीब 19 लंबित चालानों का भी उल्लेख सामने आया है। इनमें परमिट, रेट्रोफिटिंग, ओवरस्पीडिंग और अन्य नियमों से जुड़े मामले बताए गए हैं। एक रिपोर्ट में करीब 1.75 लाख रुपये की देनदारी का जिक्र है, हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में रकम को लेकर अंतर है। अंतिम आंकड़ा आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगा।
यात्रियों ने पहले ही दी थी आग की चेतावनी
FIR में दर्ज शिकायत के अनुसार, आग लगने से पहले यात्रियों ने बस में जलने की बदबू महसूस की थी और चालक-परिचालक से बस रोककर जांच करने को कहा था। कुछ देर बाद चालक की सीट के पास से आग की लपटें निकलने लगीं। आग तेजी से फैलने के कारण कई यात्रियों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया।
AC से आग लगने की आशंका
प्रारंभिक जांच में AC में स्पार्क या शॉर्ट सर्किट के बाद इंजन के लुब्रिकेंट ऑयल में आग लगने की आशंका जताई गई है। हालांकि आग लगने का अंतिम कारण फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
अब पूरे सिस्टम की जांच पर नजर
हादसे के बाद चालक और परिचालक को हिरासत में लेकर जांच शुरू की गई है। अब जांच में फिटनेस, PUC, परमिट, पुराने चालान, रेट्रोफिटिंग और बस की तकनीकी स्थिति समेत सभी रिकॉर्ड की पड़ताल अहम होगी। 9 मौतों के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि कागजों में सड़क पर चलने योग्य बस की वास्तविक सुरक्षा स्थिति क्या थी।