बक्सर (बिहार), 6 जुलाई 2026।

बिहार के बक्सर जिले के बरुणा गांव के 13 वर्षीय छात्र आकाश मौर्य ने अपनी प्रतिभा से सभी को चौंका दिया है। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले आकाश ने 'कमांड सेंटर एंड लाइव लिंक' नाम का एक स्मार्ट स्कूल मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर विकसित किया है। इस सॉफ्टवेयर का उद्देश्य विद्यालयों की पूरी व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और प्रभावी बनाना है।

क्लास में पहुंचते ही लॉक होगा शिक्षक का मोबाइल

आकाश के अनुसार, इस सॉफ्टवेयर की सबसे खास विशेषता यह है कि जैसे ही कोई शिक्षक विद्यालय परिसर में प्रवेश करेगा, उसकी उपस्थिति स्वतः दर्ज हो जाएगी। वहीं, कक्षा में पढ़ाई शुरू होते ही शिक्षक का मोबाइल स्वतः लॉक हो जाएगा, जिससे सोशल मीडिया या अन्य गैर-जरूरी गतिविधियों पर रोक लगेगी और पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।

एक ही ऐप में स्कूल की पूरी व्यवस्था

इस प्लेटफॉर्म के जरिए विद्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, होमवर्क, ऑनलाइन नोट्स, फीस भुगतान, प्रवेश प्रक्रिया, टीसी, चरित्र प्रमाण-पत्र, मार्कशीट और एडमिट कार्ड जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अभिभावक भी घर बैठे अपने बच्चों की पढ़ाई और स्कूल की गतिविधियों की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

एआई तकनीक से होगी स्मार्ट निगरानी

सॉफ्टवेयर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फीचर भी जोड़ा गया है, जो फीस भुगतान की निगरानी करेगा और यह बताएगा कि किन अभिभावकों द्वारा लगातार देरी की जा रही है। बारकोड स्कैन कर ऑनलाइन फीस जमा करने की सुविधा और तुरंत डिजिटल रसीद भी उपलब्ध होगी।

छह स्कूलों में सफल परीक्षण, देशभर में लागू करने का लक्ष्य

आकाश ने बताया कि फिलहाल यह सॉफ्टवेयर हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, बांग्ला और मराठी समेत पांच भाषाओं में उपलब्ध है। इसका परीक्षण छह से अधिक निजी विद्यालयों में किया जा चुका है, जहां से सकारात्मक परिणाम मिले हैं। इस परियोजना में राहुल कुमार, अंकित कुमार और अजीत कुमार भी सहयोग कर रहे हैं। आकाश का सपना है कि भविष्य में देश के सभी विद्यालय इस तकनीक से जुड़ें और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल एवं पारदर्शी बने।