पटना | 6 जुलाई 2026

बिहार के ग्रामीण इलाकों में भी भविष्य में होल्डिंग टैक्स लागू करने की तैयारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रस्ताव के अनुसार, गांवों में प्रत्येक घर से सालाना ₹1200 होल्डिंग टैक्स वसूलने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने इस प्रस्ताव पर स्पष्ट आपत्ति जताते हुए कहा है कि वर्तमान समय में ग्रामीण परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं होगा।

आत्मनिर्भर पंचायतों की दिशा में पहल

राज्य सरकार पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में नगर निकायों की तर्ज पर गांवों में भी स्थानीय कर व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत होल्डिंग टैक्स के माध्यम से पंचायतों की आय बढ़ाने की योजना है, ताकि स्थानीय विकास कार्यों के लिए संसाधन उपलब्ध हो सकें।

ग्रामीणों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

प्रस्ताव के मुताबिक, यदि होल्डिंग टैक्स लागू होता है तो इसके बदले ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, सड़क रखरखाव और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर खर्च किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य पंचायतों की केंद्रीय अनुदान पर निर्भरता कम करना भी है।

मंत्री ने जताई आपत्ति

पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है, लेकिन मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में ग्रामीणों पर ₹1200 का अतिरिक्त टैक्स लगाना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता पर कम से कम आर्थिक भार डालने की है और इस प्रस्ताव पर उन्होंने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।

वित्त आयोग की सिफारिशों पर चल रही चर्चा

बताया जा रहा है कि नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त आयोग से जुड़ी राष्ट्रीय कार्यशाला में भी पंचायतों की वित्तीय मजबूती का मुद्दा उठाया गया था। हालांकि बिहार सरकार का कहना है कि किसी भी निर्णय से पहले राज्य की आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों का गंभीरता से आकलन किया जाएगा। फिलहाल इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।