नई दिल्ली: मोबाइल नंबर बदलना आसान है, लेकिन उससे जुड़े ऑनलाइन अकाउंट्स को अपडेट करना उतना ही जरूरी है। यदि आपने पुराना नंबर बंद कर दिया है और उसे बैंक, यूपीआई, ईमेल या सोशल मीडिया प्रोफाइल से नहीं हटाया है, तो आपकी डिजिटल सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

टेलीकॉम कंपनियां लंबे समय तक निष्क्रिय रहने वाले नंबरों को दोबारा जारी कर देती हैं। ऐसे में आपका पुराना नंबर किसी दूसरे व्यक्ति के पास पहुंच सकता है। अगर वही नंबर आपके महत्वपूर्ण अकाउंट्स से जुड़ा हुआ है, तो कई जरूरी संदेश और वेरिफिकेशन कोड गलत हाथों तक पहुंच सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि नंबर बदलने के बाद सबसे पहले बैंकिंग सेवाओं, यूपीआई ऐप्स, ईमेल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी जानकारी अपडेट कर लेनी चाहिए। साथ ही पुराने नंबर को पूरी तरह हटाना भी जरूरी है।

साइबर सुरक्षा के जानकार केवल SMS आधारित सुरक्षा पर निर्भर रहने के बजाय ऑथेंटिकेटर ऐप्स जैसे विकल्प अपनाने की सलाह देते हैं, क्योंकि ये अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करते हैं।

एक छोटी सी चूक आपकी निजी जानकारी और ऑनलाइन पहचान के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। इसलिए अगर आपने कभी नंबर बदला है, तो अपने सभी महत्वपूर्ण अकाउंट्स की जांच आज ही कर लें।