बिहार में युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास को नई गति देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण पहलें तेज कर दी हैं। सात निश्चय-3 के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक में सामने आया कि नवंबर 2025 से मई 2026 के बीच विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से 63,115 रोजगार अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। यह जानकारी विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दी गई।
बैठक में रोजगार सृजन, तकनीकी प्रशिक्षण और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास पर विशेष चर्चा हुई। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार योग्य बनाना और उन्हें बेहतर अवसरों से जोड़ना है। इसी दिशा में बिहार रोजगार सेतु पोर्टल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इस पोर्टल के जरिए अब तक 68,822 युवाओं को रोजगार के अवसर मिल चुके हैं।
तकनीकी शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए राज्य के 149 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया भी जारी है। इन संस्थानों में आधुनिक मशीनों, नई तकनीकों और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण सुविधाओं को विकसित किया जाएगा, जिससे युवाओं की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी।
विकास आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कौशल विकास कार्यक्रमों को भविष्य की जरूरतों के अनुसार पुनर्गठित किया जाए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीकों जैसे उभरते क्षेत्रों को प्रशिक्षण का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया। सरकार का मानना है कि कौशल विकास और रोजगार सृजन के संयुक्त प्रयासों से मुख्यमंत्री के "दोगुना रोजगार-दोगुनी आय" विजन को साकार करने में मदद मिलेगी।




