जिले के सरकारी स्कूलों और शिक्षा कार्यालयों में अनुशासन बनाए रखने को लेकर जिला शिक्षा कार्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और पदाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए साफ कहा है कि शैक्षणिक माहौल बिगाड़ने या अनुशासन का पालन नहीं करने वालों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (सर्वशिक्षा अभियान) की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं और विभागीय कार्यों को मिशन मोड में लागू कर रही है। इसके सफल संचालन के लिए बेहतर कार्य संस्कृति और आपसी समन्वय बेहद जरूरी है। विभाग ने माना है कि हाल के दिनों में कुछ स्तरों पर संवाद और समन्वय की कमी देखी गई है। वहीं कुछ मामलों में अमर्यादित व्यवहार, अनावश्यक टिप्पणी और कार्यालय की गोपनीयता भंग करने की कोशिश जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं।

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पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सभी शिक्षक, कर्मचारी और पदाधिकारी निर्धारित समय पर स्कूल और कार्यालय पहुंचेंगे। किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग का कहना है कि स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए अनुशासन जरूरी है और इसमें लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

प्रतिदिन कक्षाओं की देनी होगी रिपोर्ट

जिला शिक्षा कार्यालय ने स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए नई व्यवस्था भी लागू की है। अब प्रधान शिक्षक को प्रतिदिन संचालित कक्षाओं की रिपोर्ट विभाग को देनी होगी। साथ ही शिक्षक रोज कितनी कक्षाएं ले रहे हैं, इसकी भी जानकारी दर्ज करनी होगी।

निर्देश में कहा गया है कि शिक्षक अगले दिन के पाठ्यक्रम की तैयारी एक दिन पहले ही करेंगे और उसे अपनी डायरी में नोट करेंगे। उसी योजना के अनुसार अगले दिन की कक्षाएं संचालित होंगी।

होमवर्क जांचना अनिवार्य

विभाग ने छात्रों के होमवर्क को लेकर भी सख्ती दिखाई है। अब बच्चों का होमवर्क प्रतिदिन जांचना अनिवार्य होगा। यदि कोई छात्र होमवर्क करके नहीं आता है तो संबंधित वर्ग शिक्षक उसकी स्थिति समझेंगे और अभिभावकों से संपर्क कर जानकारी लेंगे।

इसके अलावा शिक्षकों को लगातार अभिभावकों के संपर्क में रहने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने कहा है कि शिक्षक यह भी सुनिश्चित करें कि बच्चे घर पर पढ़ाई कर रहे हैं या नहीं। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को घर में पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराएं।