पलामू | 12 जुलाई 2026

झारखंड के पलामू जिले में विकास के दावों के बीच दो गांव आज भी बुनियादी सड़क सुविधा से वंचित हैं। चैनपुर प्रखंड मुख्यालय से महज दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित रांकी और हमीनपुर गांव के ग्रामीण पिछले 25 वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। बरसात शुरू होते ही इन गांवों की स्थिति और भी बदतर हो जाती है। जर्जर सड़क और उफनते नाले के कारण गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से लगभग कट जाता है और पूरा इलाका किसी टापू जैसा नजर आने लगता है।

बारिश में ठप हो जाती है शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था

ग्रामीणों के अनुसार, मानसून के चार महीनों के दौरान स्कूली बच्चों का स्कूल पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है। कीचड़ और पानी से भरे रास्तों के कारण कई बच्चे पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। वहीं यदि किसी की तबीयत बिगड़ जाए या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना पड़े, तो एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को चारपाई पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया जाता है।

महिलाओं में बढ़ रहा आक्रोश

गांव की महिलाओं का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि सड़क नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को झेलनी पड़ती है।

पंचायत और प्रशासन पर उठे सवाल

रांकी और हमीनपुर गांव भड़गांव पंचायत के अंतर्गत आते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर भी सड़क निर्माण के लिए कोई प्रभावी पहल नहीं की गई। अब ग्रामीणों ने पलामू के उपायुक्त (डीसी) से हस्तक्षेप की मांग करते हुए जल्द सड़क निर्माण कराने की अपील की है।

ग्रामीणों की आखिरी उम्मीद जिला प्रशासन

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से न केवल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी, बल्कि गांव के विकास को भी नई गति मिलेगी। लोगों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान करेगा और दोनों गांवों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराएगा।