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तकिए का कवर समय पर नहीं बदला तो हो सकती है स्किन और एलर्जी की परेशानी | Diarch News
तकिए का कवर समय पर नहीं बदला तो हो सकती है स्किन और एलर्जी की परेशानी
तकिए का कवर चेहरे और बालों के लगातार संपर्क में रहता है, इसलिए उस पर तेल, पसीना, धूल और हेयर प्रोडक्ट्स जमा हो सकते हैं। जानें इसे कितने दिन में बदलना चाहिए और किन लोगों को ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए।
Sapna Kashyap
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पटना, 15 सितंबर। रातभर हमारा चेहरा, बाल और त्वचा तकिए के संपर्क में रहते हैं। इस दौरान पसीना, त्वचा का तेल, धूल और बालों में लगाए गए प्रोडक्ट्स तकिए के कवर पर जमा होते रहते हैं। लंबे समय तक एक ही कवर इस्तेमाल करने पर गंदगी और धूल के कण बढ़ सकते हैं। इसलिए चादर की तरह तकिए के कवर की सफाई पर भी ध्यान देना जरूरी है।
कितने दिन में बदलना चाहिए तकिए का कवर?
तकिए का कवर कम से कम सप्ताह में एक बार बदलना अच्छी हाइजीन आदत मानी जाती है। अगर रात में ज्यादा पसीना आता है, त्वचा या बाल जल्दी ऑयली हो जाते हैं या आप नियमित रूप से स्किन और हेयर प्रोडक्ट्स लगाते हैं, तो इसे इससे पहले भी बदलना बेहतर हो सकता है।
गर्मी और उमस में रखें ज्यादा ध्यान
गर्म और उमस वाले मौसम में पसीना ज्यादा आने से कवर जल्दी गंदा हो सकता है। ऐसे में जरूरत के अनुसार इसे हर 2-3 दिन में बदलना उपयोगी हो सकता है। खासकर जब कवर पर दाग, पसीने की गंध या नमी महसूस होने लगे, तो इसे तुरंत धोना चाहिए।
गंदे कवर से त्वचा पर क्या असर पड़ सकता है?
कवर पर जमा तेल, पसीना, धूल और डेड स्किन सेल्स त्वचा के संपर्क में आते रहते हैं। ऑयली या मुंहासे वाली त्वचा में गंदा कपड़ा जलन और ब्रेकआउट को बढ़ाने वाला एक कारण बन सकता है। इसलिए चेहरे के लगातार संपर्क में रहने वाले कपड़े की सफाई जरूरी है।
एलर्जी वालों को क्यों रहना चाहिए सावधान?
तकिए और बेडिंग में धूल और डस्ट माइट्स जैसे एलर्जी ट्रिगर जमा हो सकते हैं। जिन लोगों को धूल से एलर्जी या सांस से जुड़ी संवेदनशीलता होती है, उनके लिए नियमित बेडिंग क्लीनिंग खास तौर पर जरूरी हो सकती है। सुबह उठकर बार-बार छींक, नाक बंद या आंखों में खुजली होती है तो तकिए और कवर की सफाई पर ध्यान दें।
सिर्फ कवर बदलना नहीं, सही तरीके से धोना भी जरूरी
कवर को धोने से पहले उसके लेबल पर दिए निर्देश देखें। कपड़े के हिसाब से सही डिटर्जेंट और पानी का तापमान चुनें। धोने के बाद कवर को पूरी तरह सुखाकर ही दोबारा इस्तेमाल करें।
तकिए और बाकी बेडिंग की भी करें सफाई
समय-समय पर तकिए, चादर और दूसरी बेडिंग की भी सफाई करें। साफ कवर और नियमित बेडिंग हाइजीन से सोने की जगह अधिक फ्रेश और आरामदायक बनी रह सकती है।How Often to Change Pillow Cover: तकिए का कवर कितने दिन में बदलना चाहिए? गंदा कवर त्वचा और बालों के लिए बन सकता है परेशानी
पटना, 15 सितंबर। रातभर हमारा चेहरा, बाल और त्वचा तकिए के संपर्क में रहते हैं। इस दौरान पसीना, त्वचा का तेल, धूल और बालों में लगाए गए प्रोडक्ट्स तकिए के कवर पर जमा होते रहते हैं। लंबे समय तक एक ही कवर इस्तेमाल करने पर गंदगी और धूल के कण बढ़ सकते हैं। इसलिए चादर की तरह तकिए के कवर की सफाई पर भी ध्यान देना जरूरी है।
कितने दिन में बदलना चाहिए तकिए का कवर?
तकिए का कवर कम से कम सप्ताह में एक बार बदलना अच्छी हाइजीन आदत मानी जाती है। अगर रात में ज्यादा पसीना आता है, त्वचा या बाल जल्दी ऑयली हो जाते हैं या आप नियमित रूप से स्किन और हेयर प्रोडक्ट्स लगाते हैं, तो इसे इससे पहले भी बदलना बेहतर हो सकता है।
गर्मी और उमस में रखें ज्यादा ध्यान
गर्म और उमस वाले मौसम में पसीना ज्यादा आने से कवर जल्दी गंदा हो सकता है। ऐसे में जरूरत के अनुसार इसे हर 2-3 दिन में बदलना उपयोगी हो सकता है। खासकर जब कवर पर दाग, पसीने की गंध या नमी महसूस होने लगे, तो इसे तुरंत धोना चाहिए।
गंदे कवर से त्वचा पर क्या असर पड़ सकता है?
कवर पर जमा तेल, पसीना, धूल और डेड स्किन सेल्स त्वचा के संपर्क में आते रहते हैं। ऑयली या मुंहासे वाली त्वचा में गंदा कपड़ा जलन और ब्रेकआउट को बढ़ाने वाला एक कारण बन सकता है। इसलिए चेहरे के लगातार संपर्क में रहने वाले कपड़े की सफाई जरूरी है।
एलर्जी वालों को क्यों रहना चाहिए सावधान?
तकिए और बेडिंग में धूल और डस्ट माइट्स जैसे एलर्जी ट्रिगर जमा हो सकते हैं। जिन लोगों को धूल से एलर्जी या सांस से जुड़ी संवेदनशीलता होती है, उनके लिए नियमित बेडिंग क्लीनिंग खास तौर पर जरूरी हो सकती है। सुबह उठकर बार-बार छींक, नाक बंद या आंखों में खुजली होती है तो तकिए और कवर की सफाई पर ध्यान दें।
सिर्फ कवर बदलना नहीं, सही तरीके से धोना भी जरूरी
कवर को धोने से पहले उसके लेबल पर दिए निर्देश देखें। कपड़े के हिसाब से सही डिटर्जेंट और पानी का तापमान चुनें। धोने के बाद कवर को पूरी तरह सुखाकर ही दोबारा इस्तेमाल करें।
तकिए और बाकी बेडिंग की भी करें सफाई
समय-समय पर तकिए, चादर और दूसरी बेडिंग की भी सफाई करें। साफ कवर और नियमित बेडिंग हाइजीन से सोने की जगह अधिक फ्रेश और आरामदायक बनी रह सकती है।