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नई दिल्ली। स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट पर बढ़ता समय अब सिर्फ आदत नहीं, बल्कि आंखों की सेहत के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में सूखापन, जलन, धुंधला दिखाई देना, सिरदर्द और थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में Digital Eye Strain या Computer Vision Syndrome कहा जाता है।

इस विषय पर हुई अंतरराष्ट्रीय रिसर्च भी चिंता बढ़ाने वाली है। BMJ Open Ophthalmology में प्रकाशित शोध समीक्षा और American Optometric Association (AOA) की रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल स्क्रीन पर लगातार काम करने के दौरान पलक झपकाने की दर सामान्य से 40 से 50 प्रतिशत तक कम हो सकती है। आमतौर पर एक व्यक्ति एक मिनट में 15 से 20 बार पलक झपकाता है, लेकिन स्क्रीन पर लगातार ध्यान केंद्रित रहने के कारण यह संख्या काफी घट जाती है। इससे आंखों की प्राकृतिक नमी कम होने लगती है और ड्राई आई की समस्या पैदा हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन पढ़ाई और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के कारण बच्चों और युवाओं में भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। कई मामलों में आंखों की परेशानी के साथ गर्दन, कंधे और सिरदर्द की शिकायत भी सामने आ रही है। कुछ अध्ययनों में डिजिटल डिवाइस का लंबे समय तक इस्तेमाल करने वाले लोगों में आंखों से जुड़ी समस्याओं का जोखिम सामान्य लोगों की तुलना में कहीं अधिक पाया गया है।

डॉक्टरों के अनुसार, कुछ आसान आदतें अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए 20-20-20 नियम अपनाएं, यानी हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें। इसके अलावा बार-बार पलक झपकाने की आदत डालें, स्क्रीन की ब्राइटनेस संतुलित रखें, आंखों और स्क्रीन के बीच उचित दूरी बनाए रखें, ब्लू लाइट एक्सपोजर कम करें और लगातार कई घंटों तक स्क्रीन देखने से बचें।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल दुनिया से पूरी तरह दूरी बनाना संभव नहीं है, लेकिन सही आदतें अपनाकर आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। यदि आंखों में लगातार जलन, दर्द, सूखापन या धुंधलापन महसूस हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होगा।