नई दिल्ली, 24 सितंबर। रात में कमरे की लाइट या बेडसाइड लैंप जलाकर सोना कई लोगों की रोजमर्रा की आदत हो सकती है। हालांकि, लगातार रोशनी के संपर्क में रहकर सोने से नींद और शरीर की प्राकृतिक दिन-रात की लय प्रभावित हो सकती है। कुछ शोधों में रात के समय रोशनी के संपर्क और ब्लड प्रेशर, मेटाबॉलिज्म तथा हृदय से जुड़े जोखिमों के बीच संबंध देखा गया है।
रात की रोशनी में सोना पड़ सकता है भारी, नींद से लेकर दिल तक पर असर
रात में कमरे की तेज रोशनी में सोने से नींद और शरीर की प्राकृतिक दिन-रात की लय प्रभावित हो सकती है। जानें सोते समय कमरे को अंधेरा रखना क्यों जरूरी माना जाता है।




