पटना, 15 सितंबर। आज के समय में स्मार्टफोन सिर्फ कॉल और मैसेज करने का साधन नहीं है। इसमें बैंकिंग ऐप, UPI, सोशल मीडिया, ईमेल, निजी फोटो और कई जरूरी दस्तावेज तक मौजूद रहते हैं। ऐसे में फोन चोरी होने पर उसे खोजने से पहले अपनी निजी जानकारी और पैसों को सुरक्षित करना जरूरी है। कुछ जरूरी कदम तुरंत उठाकर नुकसान का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।

1. सबसे पहले फोन को लॉक करें

फोन चोरी होते ही किसी दूसरे मोबाइल या कंप्यूटर से उसे ट्रैक और लॉक करने की कोशिश करें। Android में Google Find Hub और iPhone में Find My के जरिए डिवाइस की लोकेशन और लॉक जैसे विकल्प मिल सकते हैं। लोकेशन दिखने पर खुद चोर के पास जाने के बजाय पुलिस की मदद लें। फोन वापस मिलने की उम्मीद न हो तो रिमोट डेटा डिलीट करने का विकल्प भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

2. SIM को तुरंत बंद करवाएं

अपने मोबाइल ऑपरेटर से संपर्क कर चोरी हुए नंबर को ब्लॉक करवाएं और जरूरत पड़ने पर उसी नंबर का नया SIM जारी कराएं। इससे OTP और दूसरे मैसेज के गलत इस्तेमाल का जोखिम कम किया जा सकता है। नया SIM मिलने के बाद बैंक और अन्य जरूरी अकाउंट की सुरक्षा सेटिंग भी जांचें।

3. बैंक और UPI अकाउंट सुरक्षित करें

दूसरे डिवाइस से बैंक और UPI ऐप की गतिविधियां तुरंत जांचें। कोई अनजान ट्रांजैक्शन दिखे तो बैंक को तुरंत सूचित करें और जरूरत के अनुसार बैंकिंग या UPI सेवाएं ब्लॉक करवाएं। जरूरी अकाउंट के पासवर्ड भी बदलें। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर 1930 पर शिकायत की जा सकती है।

4. पुलिस शिकायत और IMEI नंबर संभालें

फोन चोरी होने की सूचना पुलिस को दें। शिकायत में IMEI नंबर जरूर शामिल करें। यह नंबर फोन के बॉक्स, बिल या संबंधित अकाउंट रिकॉर्ड में मिल सकता है। शिकायत की कॉपी और नंबर सुरक्षित रखें।

5. Sanchar Saathi CEIR से फोन ब्लॉक करें

पुलिस शिकायत के बाद Sanchar Saathi के CEIR सिस्टम के जरिए चोरी हुए फोन का IMEI ब्लॉक करने का अनुरोध किया जा सकता है। इससे डिवाइस को भारतीय मोबाइल नेटवर्क पर इस्तेमाल करने से रोकने में मदद मिलती है। फोन मिल जाने पर उसे अनब्लॉक करने का विकल्प भी उपलब्ध है।

फोन चोरी होने के बाद ये गलती न करें

फोन की लोकेशन किसी अनजान जगह दिखे तो अकेले वहां जाकर उसे लेने की कोशिश न करें। किसी अनजान कॉल या मैसेज पर OTP, पासवर्ड, बैंक डिटेल या स्क्रीन लॉक कोड साझा न करें। फोन चोरी होने के बाद जितनी जल्दी ये कदम उठाए जाएंगे, निजी डेटा और पैसों को सुरक्षित रखने की संभावना उतनी बेहतर होगी।