पटना, 7 नवंबर 2026 : मोकामा से विधायक अनंत सिंह शुक्रवार शाम करीब पांच बजे 400 गाड़ियों के काफिले के साथ वाराणसी पहुंचे। यहां पुलिस और प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था का हवाला देते हुए उनके काफिले को शहर के बाहर डाफी इलाके में ही रोक दिया। प्रशासन की ओर से बाहुबली विधायक अनंत सिंह को केवल पांच गाड़ियों के साथ वाराणसी में आगे जाने की अनुमति दी गई। इस पर अनंत सिंह ने नाराजगी जताते हुए BHU जाने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'इतनी कम गाड़ियों के साथ हम नहीं चलते हैं। अगर अनुमति नहीं मिली है तो हम नहीं जाएंगे।' इसके बाद शाम करीब 5:30 बजे अनंत सिंह का काफिला वाराणसी से प्रयागराज के लिए रवाना हो गया। इस दौरान उनके समर्थकों और पुलिसकर्मियों के बीच बहस भी हुई।
BHU में महामना मालवीय की प्रतिमा पर करना था माल्यार्पण
विधायक अनंत सिंह का वाराणसी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) जाने का कार्यक्रम था। यहां उन्हें महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर फूल चढ़ाने थे। इसके अलावा वह BHU के छात्र नेता डॉ. सौरव राय के घर जाकर उनकी मां से मुलाकात भी करने वाले थे। डॉ. सौरव राय के मुताबिक, इस कार्यक्रम के लिए प्रशासन से पहले ही अनुमति मांगी गई थी। हालांकि मौके पर पुलिस ने 400 गाड़ियों के काफिले को डाफी इलाके में ही रोक दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि केवल 5 गाड़ियों को आगे जाने की अनुमति दी जा सकती है। अनंत सिंह ने इस शर्त को स्वीकार नहीं किया और बिना BHU गए ही प्रयागराज के लिए रवाना हो गए।
पटना से 100 गाड़ियों के साथ निकले थे अनंत सिंह
विधायक अनंत सिंह शुक्रवार सुबह पटना से करीब 100 गाड़ियों के काफिले के साथ प्रयागराज के लिए निकले थे। रास्ते में आरा, बक्सर और चंदौली में उनके समर्थक काफिले से जुड़ते गए। इस तरह काफिले में गाड़ियों की संख्या बढ़कर करीब 400 हो गई। वाराणसी पहुंचने से पहले अनंत सिंह चंदौली में भी रुके थे। यहां उन्होंने भाजपा विधायक सुशील सिंह से मुलाकात की और अपनी बेटी की शादी का निमंत्रण दिया। रात करीब आठ बजे अनंत सिंह प्रयागराज पहुंचे और अपने पुराने मित्र पप्पू सलमान के घर शादी समारोह में शामिल हुए। इसके बाद रात करीब 9 बजे वह वहां से रवाना हो गए।
4 दिसंबर तक करना है सरेंडर, 25 नवंबर को बेटी की शादी
अनंत सिंह इन दिनों दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर भी काफी चर्चा में हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें चार दिसंबर या उससे पहले संबंधित जांच अधिकारी के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया है। अनंत सिंह की छोटी बेटी शिवांगी की शादी 25 नवंबर को होनी है। वह शादी की तैयारियों में जुटे हैं और अपने क्षेत्र में लगातार लोगों को निमंत्रण दे रहे हैं। बेटी की शादी का हवाला देने के बाद ही सरेंडर की समयसीमा एक दिसंबर से बढ़ाकर चार दिसंबर की गई थी।
'घटनास्थल से 5 किमी आगे थी मेरी गाड़ी, मुझे फंसाया जा रहा'
सरेंडर के आदेश के बीच बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने एक इंटरव्यू में दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर अपना पक्ष रखा था। उन्होंने दावा किया था कि जिस समय घटनास्थल पर विवाद हुआ, उनकी गाड़ी वहां से करीब पांच किलोमीटर आगे निकल चुकी थी। अनंत सिंह के मुताबिक, 30 अक्टूबर 2025 को खाना खाने के बाद वह समर्थकों और काफिले के साथ निकले थे। उन्होंने बताया कि काफिले की कुछ गाड़ियां आगे निकल गई थीं, जबकि कुछ पीछे रह गई थीं। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि पीछे चल रही गाड़ियों के पास विवाद हो गया है। अनंत सिंह ने कहा कि सूचना मिलने के बाद उन्होंने पीछे चल रहे समर्थकों से फोन पर घटना की जानकारी लेने की कोशिश की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में उन्हें जबरन फंसाया जा रहा है। मुझे कोर्ट पर पूरा भरोसा है और न्याय जरूर मिलेगा।
JDU ने 6 साल के लिए पार्टी से किया निष्कासित
अनंत सिंह को जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने 24 अक्टूबर को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। पार्टी ने उन पर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया था। दरअसल बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट के चुनाव में अनंत सिंह ने JDU उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया था। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के खिलाफ प्रचार किया था। इसके अलावा पार्टी के नेताओं के खिलाफ भी बयान देने के आरोप लगे थे। इन गतिविधियों के बाद JDU ने उनके खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की।
मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी दुलारचंद यादव की हत्या
30 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा में चुनाव प्रचार के समय हिंसा हुई थी। उस दौरान जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे राजद नेता दुलारचंद यादव और अनंत सिंह के पक्ष के लोगों के बीच विवाद हुआ था। दोनों पक्षों के काफिले आमने-सामने आ गए थे। इसी दौरान हुई हिंसा में दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने अनंत सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, जेल में रहते हुए भी उन्होंने मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव जीत लिया था। मार्च 2026 में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद अनंत सिंह जेल से बाहर आए थे। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द करते हुए उन्हें सरेंडर करने का निर्देश दिया।






