पटना, 16 सितंबर। बालों का झड़ना कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। ऐसे में लोग अलग-अलग हेयर ऑयल और प्रोडक्ट्स आजमाते हैं। अगर आप घरेलू हेयर केयर रूटीन अपनाना चाहते हैं, तो भृंगराज पाउडर और दही से तैयार आसान हेयर मास्क एक विकल्प हो सकता है। यह स्कैल्प और बालों को कंडीशन करने में मदद कर सकता है, लेकिन हेयर फॉल की हर वजह का इलाज नहीं है।
भृंगराज हेयर मास्क क्यों इस्तेमाल करें?
भृंगराज का इस्तेमाल पारंपरिक हेयर केयर में लंबे समय से किया जाता रहा है। इसमें मौजूद पौधों के यौगिकों की वजह से इसे बालों और स्कैल्प की देखभाल से जोड़ा जाता है। दही बालों को कंडीशन करने में मदद कर सकता है, जबकि नारियल तेल बालों में नमी बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
हेयर मास्क बनाने के लिए चाहिए ये चीजें
इस मास्क के लिए 2-3 चम्मच भृंगराज पाउडर, 2-3 चम्मच ताजा गाढ़ा दही और 1 चम्मच नारियल तेल लें। बहुत ड्राई बालों में नारियल तेल की थोड़ी मात्रा रखी जा सकती है। ताजा भृंगराज की पत्तियां उपलब्ध हों तो उन्हें साफ करके पीसकर पेस्ट भी बनाया जा सकता है।
ऐसे तैयार करें भृंगराज मास्क
एक साफ कटोरी में भृंगराज पाउडर और दही मिलाएं। इसमें नारियल तेल डालकर अच्छी तरह फेंटें, ताकि पेस्ट चिकना बन जाए। इसे तुरंत इस्तेमाल करने से पहले कुछ मिनट रखने की जरूरत नहीं है; ताजा तैयार मिश्रण इस्तेमाल करना आसान रहता है।
बालों में लगाने का सही तरीका
बालों को हल्के से सुलझाकर छोटे हिस्सों में बांटें। मास्क को स्कैल्प और बालों की लंबाई पर समान रूप से लगाएं। उंगलियों से 2-3 मिनट हल्की मसाज करें, लेकिन नाखूनों से रगड़ने से बचें। इसे करीब 20-30 मिनट तक लगा रहने दें और फिर पानी से अच्छी तरह धो लें।
बाल धोते समय रखें ध्यान
मास्क हटाने के लिए सामान्य या हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। जरूरत पड़ने पर माइल्ड शैंपू से बाल साफ करें। बालों को बहुत गर्म पानी से धोने और गीले बालों को जोर से रगड़ने से बचें।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
पहली बार इस्तेमाल से पहले थोड़ी मात्रा त्वचा पर लगाकर पैच टेस्ट करना बेहतर है। जलन, खुजली या लालिमा होने पर तुरंत धो दें। अगर हेयर फॉल अचानक बहुत बढ़ गया है, बालों में गोल पैच बन रहे हैं या लंबे समय तक समस्या बनी हुई है, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। घर का हेयर मास्क बालों की देखभाल में मदद कर सकता है, लेकिन लगातार या गंभीर हेयर फॉल के कारण की जांच जरूरी है।






