जमशेदपुर, 20 अगस्त। टाटा मैन हॉस्पिटल में भर्ती एक महिला को कथित तौर पर इंजेक्शन दिए जाने के बाद उसकी हालत बिगड़ने का मामला सामने आया है। कदमा भाटिया बस्ती निवासी उदय प्रताप शर्मा ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी मां पुष्पा शर्मा के इलाज के दौरान दिए गए एक इंजेक्शन के बाद उनके हाथ-पैर काम करना बंद कर दिए।
महिला को महिला वार्ड में कराया गया था भर्ती
परिजनों के अनुसार पुष्पा शर्मा किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं और टाटा मैन हॉस्पिटल के महिला वार्ड में भर्ती थीं। उदय प्रताप शर्मा का आरोप है कि इलाज के दौरान उनकी मां ने कथित तौर पर इंजेक्शन लेने से मना भी किया था, लेकिन इसके बावजूद नर्स ने उन्हें इंजेक्शन दिया।
इंजेक्शन के बाद हालत बिगड़ने का दावा
उदय प्रताप शर्मा के अनुसार, इंजेक्शन दिए जाने के बाद उनकी मां के हाथ-पैर उठने बंद हो गए। परिवार का दावा है कि इसके बाद उनकी स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई और वह सामान्य रूप से हाथ-पैर नहीं चला पा रही हैं। परिजनों ने इसे इलाज से जुड़ी गंभीर घटना बताते हुए जांच की मांग की है।
हालांकि, इंजेक्शन की प्रकृति, उसकी मात्रा और महिला की वर्तमान चिकित्सकीय स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि मरीज की हालत खराब होने का सीधा संबंध उसी इंजेक्शन से है या बीमारी के अन्य चिकित्सकीय कारण भी जिम्मेदार हैं।
अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन को दी शिकायत
उदय प्रताप शर्मा ने मामले की जानकारी टाटा मैन हॉस्पिटल प्रबंधन, टाटा कंपनी के प्रबंधन और जिला प्रशासन को दी है। परिवार ने मांग की है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी डॉक्टर या नर्स की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उपायुक्त दरबार में न्याय की गुहार
बताया गया कि शर्मा परिवार ने उपायुक्त दरबार पहुंचकर भी मामले में न्याय की गुहार लगाई है। परिवार चाहता है कि मरीज की मेडिकल स्थिति की स्वतंत्र जांच हो और इलाज के दौरान इस्तेमाल की गई दवाओं तथा इंजेक्शन से जुड़े रिकॉर्ड की भी समीक्षा की जाए।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई
फिलहाल यह मामला परिजनों के आरोपों पर आधारित है। अस्पताल की ओर से इस आरोप पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मरीज की मेडिकल रिपोर्ट, उपचार रिकॉर्ड और विशेषज्ञ जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की हालत बिगड़ने की वास्तविक वजह क्या रही। परिवार ने दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।




