देवघर, 21 अगस्त। सावन का महीना आस्था के साथ-साथ हरियाली और प्रकृति से जुड़ी परंपराओं का भी महीना माना जाता है। इसी क्रम में देवघर में सखी सहेली ग्रुप की महिलाओं ने हरियाली पर्व का आयोजन किया। कार्यक्रम में महिलाओं ने हरे रंग के परिधान, हरी बिंदी और हरी नेल पॉलिश के साथ सावन की खूबसूरती और प्रकृति के प्रति प्रेम का संदेश दिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाजसेवी रीता चौरसिया रहीं।

हरियाली पर्व में दिखा सावन का रंग

हरियाली पर्व के दौरान महिलाओं ने हरे रंग के वस्त्र पहनकर उत्सव में भाग लिया। सावन में बारिश के बाद चारों ओर हरियाली छाने, खेत-खलिहानों में नई रौनक आने और प्रकृति के सुंदर रूप को देखते हुए इस पर्व का विशेष महत्व बताया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक और उत्सवी अंदाज में एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं।

मां पार्वती और भगवान शिव से जुड़ी मान्यता

आयोजकों के अनुसार, हरियाली पर्व को भगवान शिव और मां पार्वती से जुड़ी परंपराओं के साथ भी देखा जाता है। मान्यता है कि सावन के दौरान प्रकृति में हरियाली का विस्तार होता है और इस मौसम में महिलाएं सुख, सौभाग्य और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ ऐसे पर्व मनाती हैं।

महिलाओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

कार्यक्रम में विजया सिंह, प्रज्ञा झा, पुनीता, ममता गुप्ता, अलका सोनी समेत बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। महिलाओं ने सावन की परंपराओं, हरियाली पर्व और बदलती जीवनशैली के बीच ऐसे आयोजनों की जरूरत पर अपने विचार भी साझा किए।

सामाजिक मेलजोल का बना माध्यम

सखी सहेली ग्रुप की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम केवल धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं के बीच मेलजोल और आपसी सहभागिता का माध्यम भी बना। महिलाओं ने गीत-संगीत और सावन से जुड़े पारंपरिक रंगों के साथ उत्सव का आनंद लिया।

देवघर में त्योहारों की रौनक

सावन के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम में कांवड़ यात्रा और जलार्पण के साथ विभिन्न सांस्कृतिक आयोजन भी होते हैं। ऐसे में हरियाली पर्व ने देवघर की उत्सवी माहौल में एक और रंग जोड़ दिया। आयोजन में महिलाओं की भागीदारी ने सावन की परंपरा, प्रकृति और सामाजिक एकता का सुंदर संदेश दिया।