कोडरमा, 19 अगस्त 2026 : भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था और संकल्प की अनूठी तस्वीर झारखंड के कोडरमा में देखने को मिली। गुजरात के हंसोट क्षेत्र से करीब 1800 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा पर निकला श्रद्धालुओं का जत्था कोडरमा पहुंच चुका है। कांवड़ियों का लक्ष्य पहले काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करना और इसके बाद झारखंड के देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम पहुंचकर जलाभिषेक करना है। गुजरात के पारडी, हंसोट क्षेत्र से शुरू हुई यह धार्मिक यात्रा कई राज्यों और शहरों से होकर आगे बढ़ रही है। श्रद्धालु लंबी दूरी पैदल तय कर रहे हैं। कठिन सफर और लगातार यात्रा के बावजूद कांवड़ियों में भगवान शिव के प्रति भक्ति और उत्साह साफ नजर आ रहा है।
पहले काशी, फिर देवघर की ओर बढ़ेगा जत्था
कांवड़ यात्रा का पहला प्रमुख पड़ाव वाराणसी है। यहां श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन और पूजन करेंगे। इसके बाद जत्था झारखंड के देवघर के लिए रवाना होगा, जहां बाबा वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक किया जाएगा। करीब 1800 किलोमीटर के इस सफर में श्रद्धालुओं को रास्ते में लोगों का सहयोग और स्वागत भी मिल रहा है। कोडरमा पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उनकी सफल यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
आस्था के आगे मुश्किल सफर भी आसान
गुजरात से शुरू हुई यह यात्रा अब झारखंड की धरती तक पहुंच चुकी है। हालांकि मंजिल अभी बाकी है, लेकिन श्रद्धालुओं का संकल्प उन्हें लगातार आगे बढ़ा रहा है। काशी विश्वनाथ से लेकर बाबा वैद्यनाथ धाम तक की यह पदयात्रा श्रद्धा, धैर्य और भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास की मिसाल बन रही है। कांवड़ियों को उम्मीद है कि बाबा विश्वनाथ और बाबा वैद्यनाथ के दर्शन एवं जलाभिषेक के साथ उनकी यह लंबी धार्मिक यात्रा सफलतापूर्वक पूरी होगी।




