रांची, 18 अगस्त। झारखंड सरकार की ओर से JSSC-CGL और TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द किए जाने के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने इसे छात्रों के संघर्ष की बड़ी जीत बताया है। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि सिर्फ परीक्षाएं रद्द करना समाधान नहीं है। छात्रों को वास्तविक न्याय तभी मिलेगा, जब परीक्षा व्यवस्था में स्थायी सुधार किया जाएगा।
14 परीक्षाओं का रद्द होना संघर्ष की जीत
देवेंद्र नाथ महतो के अनुसार, TDPL द्वारा आयोजित अब तक 14 परीक्षाएं रद्द की जा चुकी हैं। उन्होंने इसे लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन का महत्वपूर्ण परिणाम बताया। उनका कहना है कि परीक्षा में गड़बड़ी, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्र लगातार आवाज उठाते रहे हैं।
CBI-CID जांच से आगे सिस्टम सुधार की मांग
महतो ने कहा कि केवल CBI या CID जांच से छात्रों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल कर दोषियों की पहचान कर सकती हैं, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए परीक्षा प्रणाली में बुनियादी बदलाव जरूरी हैं।
लीक-प्रूफ परीक्षा व्यवस्था बनाने पर जोर
छात्र नेता ने ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की है, जिसमें प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने और परीक्षा कराने की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि निगरानी और सुरक्षा के मजबूत इंतजाम होने चाहिए, ताकि पेपर लीक या किसी अन्य तरह की धांधली की गुंजाइश न रहे।
सरकार के सामने रखेंगे परीक्षा सुधार का ब्लूप्रिंट
देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए उनके पास एक ब्लूप्रिंट तैयार है। इसे सरकार के सामने रखा जाएगा। उनका कहना है कि सरकार यदि इन सुझावों पर गंभीरता से अमल करती है, तो भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल किया जा सकता है।
दोबारा परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों की चिंता
परीक्षाएं रद्द होने के बाद हजारों अभ्यर्थियों को दोबारा तैयारी करनी होगी। ऐसे में छात्रों की मांग है कि नई परीक्षाओं की प्रक्रिया समयबद्ध और पूरी तरह पारदर्शी हो। महतो ने कहा कि छात्रों का आंदोलन सिर्फ परीक्षा रद्द कराने तक सीमित नहीं है। सिस्टम रिफॉर्म और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित होने तक संघर्ष जारी रहेगा।




