रांची, 19 अगस्त 2026 : झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के 26वें दिन बड़ा बदलाव सामने आया है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों के एक मंच ने अनिश्चितकालीन सत्याग्रह खत्म करने का ऐलान कर दिया। वहीं, दूसरे मंच से जुड़े छात्र आंदोलन स्थल पर बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा करते रहे। इस घटनाक्रम के बाद छात्र आंदोलन को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है। एक गुट ने सरकार के फैसलों को अपनी प्रमुख मांगों की पूर्ति बताते हुए आंदोलन समाप्त कर दिया है, जबकि दूसरे गुट की ओर से आगे की रणनीति पर मंथन जारी है।
अभ्यर्थी न्याय मंच ने आंदोलन खत्म करने का किया ऐलान
JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच की ओर से रामावतार महतो ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि मंच ने 25 जुलाई से परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया था। रामावतार महतो के मुताबिक, सरकार ने मंच की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। छात्र हित में सरकार की ओर से लिए गए फैसलों का स्वागत करते हुए उन्होंने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। मंच की ओर से कहा गया कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की दिशा में उठाए गए कदम से छात्रों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
दूसरे मंच के छात्रों ने नहीं लिया फैसला
एक मंच द्वारा आंदोलन खत्म करने के ऐलान के बाद भी आंदोलन स्थल पर छात्र गतिविधियां जारी रहीं। दूसरे मंच से जुड़े छात्र दोपहर 12:30 बजे तक बैठक करते रहे। इस बैठक में छात्रों ने सरकार के फैसले, परीक्षा संबंधी कार्रवाई और आंदोलन की आगे की दिशा को लेकर चर्चा की। हालांकि, दूसरे मंच की ओर से तत्काल आंदोलन खत्म करने की घोषणा नहीं की गई। ऐसे में यह सवाल बना हुआ है कि क्या छात्र आंदोलन पूरी तरह समाप्त होगा या दूसरा गुट अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेगा।
26 दिनों से चल रहा था आंदोलन
JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार 26 दिनों से चल रहा था। आंदोलन के दौरान छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई समेत कई मांगें उठाई थीं। 25 जुलाई से शुरू हुए सत्याग्रह के बाद आंदोलन धीरे-धीरे बड़ा मुद्दा बन गया था।
सरकार के फैसले के बाद बदला आंदोलन का रुख
हाल में सरकार की ओर से JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इसी पृष्ठभूमि में अभ्यर्थी न्याय मंच ने माना कि उसकी प्रमुख मांगों पर सरकार ने कार्रवाई की है। इसी को आधार बनाकर मंच ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया है। हालांकि, दूसरे मंच के छात्रों की बैठक जारी रहने से आंदोलन की पूरी तस्वीर अभी सामने नहीं आई है।
स्टेडियम में प्रशासन भी अलर्ट
छात्रों के आंदोलन को देखते हुए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम परिसर में प्रशासन की निगरानी बनी हुई है। एक मंच के आंदोलन खत्म करने के बावजूद दूसरे गुट के छात्रों की बैठक के चलते प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। अब सभी की निगाहें दूसरे मंच की बैठक के फैसले पर हैं। यदि दूसरा गुट भी आंदोलन खत्म करने का फैसला करता है, तो 26 दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन पूरी तरह समाप्त हो सकता है। वहीं आंदोलन जारी रखने का निर्णय होने पर छात्रों के बीच आंदोलन की अगली रणनीति अलग रूप ले सकती है।
JPSC-JSSC आंदोलन : पांच बड़े अपडेट
- 26वें दिन छात्र आंदोलन में बड़ा बदलाव।
- अभ्यर्थी न्याय मंच ने सत्याग्रह खत्म करने का ऐलान किया।
- मंच के मुताबिक सरकार ने उसकी प्रमुख मांगें मान ली हैं।
- दूसरे गुट के छात्र आगे की रणनीति पर बैठक कर रहे हैं।
- स्टेडियम में प्रशासन की निगरानी अभी भी जारी है।




