रांची | 18 जुलाई 2026

झारखंड की राजधानी रांची को पेयजल उपलब्ध कराने वाली गेतलसूद डैम की मुख्य पाइपलाइन इन दिनों खुद बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। दीपा टोली के पास पाइपलाइन में लगातार हो रहे रिसाव से प्रतिदिन करोड़ों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह लीकेज पिछले कई दिनों से जारी है, लेकिन अब तक विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया गया है। इस कारण शहर के कई इलाकों में जलापूर्ति भी प्रभावित हो रही है।

60 हजार से ज्यादा घर इसी पाइपलाइन पर निर्भर

गेतलसूद डैम से प्रतिदिन लगभग 33 करोड़ लीटर पानी रांची शहर को उपलब्ध कराया जाता है। इसी पाइपलाइन के जरिए 60 हजार से अधिक घरों तक पेयजल पहुंचता है। अनुमान है कि राजधानी की करीब 80 प्रतिशत आबादी इसी जलापूर्ति व्यवस्था पर निर्भर है। ऐसे में मुख्य पाइपलाइन में लगातार रिसाव होना जल प्रबंधन के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।

रिसाव से कम हो रहा पानी का दबाव

स्थानीय निवासियों के अनुसार पाइपलाइन से लगातार पानी बहने के कारण कई इलाकों में जलापूर्ति का दबाव कम हो जाता है। निर्धारित समय पर भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। एक ओर शहर के लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लाखों लीटर स्वच्छ पेयजल नालों में बहकर बर्बाद हो रहा है।

50 साल पुरानी पाइपलाइन बनी परेशानी की जड़

जानकारी के अनुसार यह पाइपलाइन करीब 50 वर्ष पुरानी है। लंबे समय तक लगातार उपयोग और रखरखाव की कमी के कारण कई स्थानों पर पाइप कमजोर पड़ चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी पुरानी पाइपलाइन की नियमित तकनीकी जांच और समय रहते प्रतिस्थापन जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी बड़े जल संकट से बचा जा सके।

प्लास्टिक की पन्नी से रोकने की कोशिश, नहीं रुका रिसाव

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि लीकेज रोकने के लिए विभाग ने स्थायी मरम्मत के बजाय पाइपलाइन पर प्लास्टिक की पन्नी बांधकर अस्थायी उपाय किया है। इसके बावजूद पानी का रिसाव लगातार जारी है। पाइपलाइन से निकलने वाला पानी खेलगांव स्टेडियम और गाड़ी गांव के बीच स्थित नाले में बह रहा है। स्थानीय लोगों ने विभाग से तत्काल स्थायी मरम्मत और पुरानी पाइपलाइन बदलने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में राजधानी को गंभीर जलापूर्ति संकट का सामना करना पड़ सकता है।