रांची | 09 जुलाई 2026
झारखंड के चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डीडी बार परिसर में 27 जून की रात हुई हत्या के मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने 12 दिनों के भीतर बार संचालक नीरज सिंह समेत कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई में राजस्थान और ओडिशा से भी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मामले की निगरानी स्वयं सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक कर रहे हैं।
घटना के बाद सरकार ने लिया था बड़ा फैसला
यह मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्कालीन पूर्वी सिंहभूम एसएसपी पीयूष पांडेय और सरायकेला की तत्कालीन एसपी निधि द्विवेदी को उनके पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। साथ ही पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की जिम्मेदारी सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक को सौंपी गई थी।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी
विशेष जांच टीम ने घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक डेटा और मानवीय सूचनाओं के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया। पहले नौ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बुधवार को बार संचालक नीरज सिंह सहित तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या 12 हो गई।
राजस्थान और ओडिशा से पकड़े गए आरोपी
डीडी बार का संचालक नीरज सिंह घटना के बाद से फरार था। एसआईटी ने उसे राजस्थान के सीकर जिले स्थित खाटूश्याम क्षेत्र से गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर जमशेदपुर लाई। वहीं दो अन्य आरोपियों सुदर्शन मंडल उर्फ लल्टू और राजेश मंडल को ओडिशा के मयूरभंज जिले से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, नीरज सिंह के खिलाफ वर्ष 2022 में भी कदमा थाना में एक आपराधिक मामला दर्ज हो चुका है।
क्या है पूरा मामला?
27 जून की रात जमशेदपुर के डीडी बार परिसर में करनी सेना से जुड़े हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह पर विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा और उसके सहयोगियों ने कथित रूप से जानलेवा हमला किया था। गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी। इसके बाद 28 जून को बिष्टुपुर थाना में 10 नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
जांच अभी भी जारी
पुलिस का कहना है कि मामले में अब भी जांच जारी है और यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। झारखंड पुलिस का दावा है कि इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है ताकि सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।




