नई दिल्ली | 9 जुलाई 2026
झारखंड सरकार राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने नई दिल्ली स्थित ताज होटल में देश की करीब एक दर्जन प्रमुख कंपनियों के साथ लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपये के निवेश को लेकर समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर की तैयारी पूरी कर ली है। इन निवेश प्रस्तावों का सबसे अधिक फोकस खनन, बिजली उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा, टेक्सटाइल, अपैरल और फुटवियर उद्योग पर रहेगा। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में 20 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
कई बड़ी कंपनियां करेंगी निवेश
सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में कई प्रमुख औद्योगिक समूहों के साथ अलग-अलग समझौते किए जाएंगे। इनमें जिंदल स्टील, जिंदल न्यूक्लियर पावर, जिंदल रिन्यूएबल, रूंगटा माइंस और रूंगटा संस जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन समझौतों के जरिए राज्य में नई औद्योगिक परियोजनाओं की शुरुआत और मौजूदा औद्योगिक ढांचे के विस्तार की योजना है।
नई टेक्सटाइल नीति से उद्योगों को मिलेगा प्रोत्साहन
राज्य सरकार ने टेक्सटाइल, अपैरल और फुटवियर नीति-2026 का मसौदा भी तैयार किया है। इस नीति के तहत निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता और सब्सिडी देने का प्रस्ताव रखा गया है। पात्र इकाइयों को कॉम्प्रिहेंसिव प्रोजेक्ट इन्वेस्टमेंट सब्सिडी (CPIS) उपलब्ध कराई जाएगी, जिसका 50 प्रतिशत संचालन के पहले वर्ष और शेष 50 प्रतिशत तीसरे वर्ष में देने का प्रावधान किया गया है।
ऑनलाइन व्यवस्था और निवेशकों को मिलेगी सुविधा
नई औद्योगिक नीति के तहत आवेदन प्रक्रिया, अनुमोदन और विवाद निपटारे जैसी सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि इससे निवेश प्रक्रिया आसान होगी और नए उद्योग स्थापित करने में लगने वाला समय कम होगा। इस पहल से झारखंड को पूर्वी भारत के प्रमुख औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में डिजिटल विकास पर भी जोर
नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन कार्यक्रम के दौरान विभिन्न उद्योग समूहों और तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी झारखंड में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। कार्यक्रम में गूगल के प्रतिनिधि राजेश रंजन ने झारखंड के विकास में सहयोग का भरोसा जताते हुए राज्य की डिजिटल प्रगति और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की बात कही।
रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा लाभ
सरकार का मानना है कि प्रस्तावित निवेश से केवल बड़े उद्योगों की स्थापना ही नहीं होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा परिवहन, निर्माण, सेवा और छोटे उद्योगों को भी इसका लाभ मिलेगा। यदि सभी परियोजनाएं तय समय पर लागू होती हैं, तो झारखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ राज्य की औद्योगिक पहचान भी नई ऊंचाई पर पहुंचेगी।




