रांची, 19 अगस्त 2026 : झारखंड सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और कदाचार को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। राज्य सरकार ने JSSC CGL (10/2023) समेत JSSC-JPSC की कुल 22 परीक्षाएं रद्द करने का आदेश जारी किया है। वहीं, 23 अन्य परीक्षाओं की जांच CID को सौंपी गई है। इस फैसले का असर उन अभ्यर्थियों और चयनित उम्मीदवारों पर पड़ सकता है, जो इन परीक्षाओं के आधार पर सरकारी सेवाओं में नियुक्त हो चुके हैं। इनमें JPSC 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा से चयनित 342 अधिकारी और JSSC CGL के जरिए नियुक्त 1,975 कर्मी शामिल हैं।
JSSC CGL और JPSC की 22 परीक्षाएं रद्द
राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, TDPL की पूर्ण या आंशिक संलिप्तता और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर 22 परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। रद्द की गई परीक्षाओं में JPSC 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा, सिविल जज, सहायक वन संरक्षक, फूड सेफ्टी ऑफिसर, CDPO समेत कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल हैं। सरकार के इस फैसले से इन परीक्षाओं के जरिए हुई नियुक्तियों की वैधता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
342 अधिकारियों और 1,975 कर्मियों पर असर
JPSC की 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा से चयनित 342 अधिकारी वर्तमान में सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। इसी तरह JSSC CGL के माध्यम से करीब 1,975 कर्मियों की नियुक्ति हुई है। इन परीक्षाओं को रद्द किए जाने के बाद इन नियुक्तियों को लेकर आगे क्या कार्रवाई होगी, यह सरकार के अगले निर्णय और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। इसके अलावा JPSC की परीक्षाओं के माध्यम से नियुक्त 64 CDPO और 56 Food Safety Officers की नियुक्तियां भी इस फैसले के दायरे में आ सकती हैं।
23 परीक्षाओं की जांच करेगी CID
राज्य सरकार ने 23 अन्य परीक्षाओं को रद्द करने के बजाय उनकी जांच CID से कराने का फैसला किया है। इन परीक्षाओं में कई पुरानी JPSC परीक्षाएं भी शामिल हैं। जांच के दायरे में फूड एनालिस्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, फैक्ट्री इंस्पेक्टर, बॉयलर इंस्पेक्टर, सिविल जज, सहायक निदेशक कृषि, फूड सेफ्टी ऑफिसर, संयुक्त असिस्टेंट इंजीनियर व सिविल सर्विस परीक्षा जैसी परीक्षाएं शामिल हैं। CID जांच के बाद इन परीक्षाओं में किसी तरह की अनियमितता पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
JPSC-JSSC मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग
झारखंड सरकार ने JPSC और JSSC में अनियमितताओं एवं कदाचार से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का आग्रह झारखंड हाईकोर्ट से करने का फैसला किया है।इसका उद्देश्य परीक्षा संबंधी मामलों की सुनवाई को जल्द पूरा करना और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
दोनों आयोगों में बनेगा आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ
राज्य सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए JPSC और JSSC में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ गठित करने का भी फैसला लिया है। इससे परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी, शिकायतों की जांच और संभावित अनियमितताओं पर समय रहते कार्रवाई करने की व्यवस्था मजबूत करने की कोशिश होगी।
कौन-कौन सी JPSC परीक्षाएं रद्द हुईं ?
रद्द की गई परीक्षाओं में प्रमुख रूप से शामिल हैं :
- JPSC सिविल सेवा परीक्षा-2023
- JPSC 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा
- सिविल जज जूनियर डिविजन
- सहायक वन संरक्षक
- फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर
- फूड सेफ्टी ऑफिसर
- CDPO
- सहायक लोक अभियोजक (APP)
- छठी लिमिटेड उपसमाहर्ता परीक्षा
- झारखंड पात्रता परीक्षा-2024
- राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर
- राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में व्याख्याता
- मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर
इसके अलावा विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक अधिकारियों, ड्रग इंस्पेक्टर और अन्य पदों से जुड़ी परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं।
अभ्यर्थियों के सामने अब क्या सवाल ?
राज्य सरकार के फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल उन अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर है, जिन्होंने इन परीक्षाओं में सफल होकर नौकरी हासिल की है। क्या उनकी नियुक्तियां जारी रहेंगी, रद्द होंगी या दोबारा परीक्षा का रास्ता अपनाया जाएगा ? फिलहाल सरकार के आदेश के बाद इस पूरे मामले पर अभ्यर्थियों की नजर आगे होने वाली कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई पर है।




