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Coal India के 64,511 क्वार्टरों पर अवैध कब्जा ! CCL के 17,498 आवास भी घेरे में | Diarch News
Coal India के 64,511 क्वार्टरों पर अवैध कब्जा ! CCL के 17,498 आवास भी घेरे में
Coal India की अनुषंगी कंपनियों के 64,511 आवास बाहरी लोगों के कब्जे में बताए गए हैं। CCL के 17,498 क्वार्टर प्रभावित हैं, जबकि बरका-सयाल क्षेत्र में 5,043 आवासों पर कब्जे की जानकारी सामने आई है।
Sushil Kumar Singh
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रांची, 21 सितंबर 2026 : Coal India की अनुषंगी कंपनियों के हजारों आवासों पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, करीब 64,511 आवास बाहरी लोगों के कब्जे में हैं। इसके अलावा करीब 19,585 आवास सेवानिवृत्त या कंपनी से अलग हो चुके कर्मचारियों के कब्जे में बताए गए हैं। अब प्रबंधन ने ऐसे आवासों की पहचान, डिजिटल डेटाबेस और खाली कराने के लिए एक्शन प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। Coal India की सभी अनुषंगी कंपनियों के पास करीब 2.50 लाख आवास हैं। इनमें रहने योग्य और मानक आवासों के साथ बड़ी संख्या में जर्जर या अन्य श्रेणी के क्वार्टर भी शामिल हैं। प्रबंधन अब आवासों की स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।
CCL के 17,498 क्वार्टर बाहरी लोगों के कब्जे में
Central Coalfields Limited यानी CCL में कुल 59,972 आवास चिह्नित किए गए हैं। इनमें 49,253 आवास रहने योग्य बताए गए हैं, जबकि 10,616 आवास अमानक या जर्जर श्रेणी में हैं। CCL के 17,498 क्वार्टर बाहरी लोगों के कब्जे में पाए गए हैं। वहीं 3,717 आवास सेवानिवृत्त या कंपनी से अलग हो चुके कर्मचारियों के कब्जे में बताए गए हैं। इसके अलावा 628 क्वार्टर सरप्लस श्रेणी में हैं।
बरका-सयाल में सबसे ज्यादा कब्जे वाले क्वार्टर
CCL के बरका-सयाल क्षेत्र में स्थिति विशेष रूप से सामने आती है। यहां कुल 13,258 आवासों में से 5,043 पर अवैध कब्जा मिला है। रजरप्पा क्षेत्र में भी बाहरी लोगों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कब्जे वाले क्वार्टर चिह्नित किए गए हैं।
प्रशासन की मदद से खाली कराने की तैयारी
प्रबंधन अब अवैध कब्जे वाले आवासों को खाली कराने के लिए प्रशासन के सहयोग की तैयारी कर रहा है। वहीं लंबे समय से कंपनी के साथ काम कर रहे ठेका कर्मचारियों और कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत क्वार्टर लीज/लाइसेंस पर देने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। इस संबंध में कानूनी राय और कोयला मंत्रालय के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखा जाएगा।
Coal India के आवासों का बनेगा Digital Database
आवासों से जुड़ी पूरी जानकारी को एक Digital Database में दर्ज करने की योजना है। इसके जरिए प्रत्येक क्वार्टर की स्थिति, उपयोग और कब्जे से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित किया जाएगा। इसके लिए मजदूर प्रतिनिधियों की एक कमेटी भी बनाई गई है, जो कब्जे वाले आवासों से जुड़े मामलों पर अपनी अनुशंसा देगी। प्रबंधन और यूनियन प्रतिनिधि मिलकर आगे की कार्रवाई का एक्शन प्लान तैयार कर रहे हैं।
जर्जर क्वार्टरों की जगह बनेंगे नए आवास
जो क्वार्टर रहने योग्य नहीं हैं या पूरी तरह असुरक्षित हो चुके हैं, उन्हें हटाकर उनकी जगह आधुनिक सुविधाओं वाले नए आवास विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इससे एक तरफ पुराने और जर्जर आवासों की समस्या कम करने और दूसरी तरफ कंपनी की आवासीय संपत्तियों के बेहतर इस्तेमाल का प्रयास किया जाएगा।
अलग-अलग कंपनियों में आवासों की स्थिति
कंपनी— कुल आवास—अमानक आवास—बाहरी लोगों का कब्जा—कर्मियों/सेवानिवृत्तों का कब्जा
ECL——-37,798—- 29,282 ——1,465————— 14,296
BCCL— 44,800—- 16,294———18,188————— 5,685
CCL—— 59,972 ——10,616———17,498————— 3,717
WCL——16,902———278———507———————— 140
MCL ——34,074———9,790——4,321—————— 6,195
NCL———14,974———1,195——-1,384—————— 287
SECL——-59,428———8,039———5,035————— 4,530
ये आंकड़े 21 सितंबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट में दिए गए हैं। कुल मिलाकर Coal India की आवासीय संपत्तियों को लेकर अब प्रबंधन डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने, कब्जे वाले क्वार्टरों की समीक्षा और आगे की कार्रवाई के लिए एक व्यवस्थित योजना बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अब देखना है कि यह कार्रवाई कब और कैसे होती है।