झरिया, 18 अगस्त। सेल चासनाला के रेलवे साइडिंग क्षेत्र में मंगलवार सुबह हाइवा की चपेट में आने से करीब 35 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। सूचना मिलने पर पाथरडीह पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।

हादसे के बाद मौके पर जुटे ग्रामीण

घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और ग्रामीण रेलवे साइडिंग के पास पहुंच गए। मृतक की मौत को लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई। आक्रोशित लोगों ने पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे और सेल में स्थायी नौकरी की मांग उठाई।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

झरिया विधायक प्रतिनिधि प्रवीण कुमार उर्फ शिंकू महतो और स्थानीय प्रतिनिधि अजीत कुमार महतो ने साइडिंग में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कोयला ट्रांसपोर्टिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों के मुताबिक, साइडिंग क्षेत्र में बाउंड्री वॉल नहीं है और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए फ्लैगमैन की व्यवस्था भी नहीं है।

स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि हादसे वाले क्षेत्र के आसपास स्कूल समेत अन्य सार्वजनिक स्थान मौजूद हैं। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।

सीसीटीवी फुटेज को लेकर परिजनों ने उठाए सवाल

मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है। उनका दावा है कि फुटेज खराब होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

मुआवजा और नौकरी की मांग पर ट्रांसपोर्टिंग रोकने की चेतावनी

ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने मांग की है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर कोयला ट्रांसपोर्टिंग बंद कर आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है और हादसे के कारणों की जांच जारी है।