हजारीबाग, 20 अगस्त। बोकारो की रहने वाली जमीला खातून के धर्म परिवर्तन और विवाह का मामला चर्चा में है। महिला ने अपने पति पर प्रताड़ना, तीन तलाक देने और दोबारा ससुराल लौटने के लिए हलाला का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। जमीला ने बाद में अपनी इच्छा से हिंदू धर्म अपनाया और हजारीबाग निवासी रवि दास के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया।
पति पर प्रताड़ना और तीन तलाक का आरोप
जमीला खातून के अनुसार, उनका निकाह मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के बाद पति उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करता था। विरोध करने पर कथित तौर पर उन्हें तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया गया। महिला का दावा है कि दोबारा ससुराल लौटने के लिए उन पर हलाला का दबाव भी बनाया गया।
मानसिक रूप से परेशान होने का दावा
जमीला ने बताया कि लगातार प्रताड़ना के कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गई थीं। उन्होंने कहा कि इस दौरान उनके मन में आत्महत्या जैसे विचार भी आए। इसी बीच उन्होंने हजारीबाग निवासी अपने परिचित रवि दास से अपनी परेशानियां साझा कीं। महिला के अनुसार, रवि दास ने उनका साथ दिया, जिसके बाद दोनों करीब आए और विवाह करने का फैसला किया।
बरेली में अपनाया हिंदू धर्म
महिला के अनुसार, इसके बाद दोनों बरेली पहुंचे, जहां अगस्त्य मुनि आश्रम मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान जमीला ने हिंदू धर्म अपनाया। धर्म परिवर्तन के बाद उनका नाम ज्योति देवी रखा गया। इसके बाद मंत्रोच्चार और हिंदू रीति-रिवाजों के साथ दोनों का विवाह कराया गया।
भगवान शिव में आस्था जताई
जमीला से ज्योति देवी बनी महिला ने कहा कि उनकी भगवान शिव में आस्था है और उन्होंने अपनी इच्छा से हिंदू धर्म अपनाने तथा रवि दास से विवाह करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि वह आगे का जीवन सम्मान, सुरक्षा और अपनी पसंद के अनुसार जीना चाहती हैं।
महिला द्वारा लगाए गए प्रताड़ना, तीन तलाक और हलाला के दबाव के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले में दूसरे पक्ष का पक्ष उपलब्ध नहीं है। इन आरोपों से जुड़ी कानूनी स्थिति जांच या संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।




