नई दिल्ली | 4 अगस्त 2026

संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में विपक्षी दलों के हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित रही। अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी की। लगातार शोर-शराबे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष को सख्त संदेश देते हुए कहा कि "संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, यह नारेबाजी और तख्तियां दिखाने का मंच नहीं है।" अंततः सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

प्रश्नकाल नहीं चल सका

सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराने की कोशिश की, लेकिन विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर नारेबाजी करने लगे। विपक्ष की मांग थी कि अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह सदन में बयान दें।

ओम बिरला ने विपक्ष से की सहयोग की अपील

लगातार हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, लेकिन प्रश्नकाल के दौरान केवल प्रश्न और उत्तर ही लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि संसद संवाद और चर्चा का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है तथा सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है।

पहले दो बजे तक, फिर पूरे दिन के लिए स्थगित हुई कार्यवाही

हंगामा नहीं थमने पर लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 2 बजे तक स्थगित की गई। दोबारा बैठक शुरू होने के बाद भी विपक्ष का विरोध जारी रहा। लगातार शोरगुल के कारण पीठासीन अधिकारी ने दोपहर 2:17 बजे सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।

लगातार बाधित हो रहा मानसून सत्र

20 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र में लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। मंगलवार को लगातार 12वें दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल सुचारु रूप से नहीं चल सके।