मुंबई, 3 नवंबर 2026 : देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने सितंबर 2026 में समाप्त दूसरी तिमाही के अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक का मुनाफा सालाना आधार पर करीब 14% बढ़कर ₹23,038 करोड़ पहुंच गया है। पिछले साल की समान तिमाही में SBI को ₹20,160 करोड़ का मुनाफा हुआ था। इस बार बैंक का प्रदर्शन बाजार के अनुमानों से भी बेहतर रहा है। दूसरी तिमाही में बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) यानी ब्याज से होने वाली कमाई में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह सालाना आधार पर करीब 15% बढ़कर ₹49,142 करोड़ हो गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹42,847 करोड़ थी।

नतीजों के बाद SBI का शेयर 1% चढ़ा

SBI के दूसरी तिमाही के नतीजे सामने आने के बाद बैंक के शेयर में तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर करीब 1% चढ़कर ₹995 पर पहुंच गया। शेयर के प्रदर्शन की बात करें तो पिछले एक महीने में इसमें करीब 4% और एक साल में 5% की बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले छह महीनों में शेयर करीब 7% गिरा है। बैंक का कुल मार्केट कैप लगभग ₹9.15 लाख करोड़ बताया गया है।

SBI का लोन और डिपॉजिट कितना बढ़ा ?

सितंबर 2026 तक SBI के कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। बैंक के लोन और जमा से जुड़े प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं :

  • कुल लोन (Gross Advances) : बैंक का कुल कर्ज सालाना आधार पर 7.84% बढ़कर करीब ₹52 लाख करोड़ हो गया।
  • कुल जमा (Deposits) : ग्राहकों की जमा राशि 12.27% बढ़कर करीब ₹63 लाख करोड़ पहुंच गई।
  • CASA डिपॉजिट : सेविंग और करंट अकाउंट में जमा राशि 8.13% बढ़ी। कुल जमा में इसका हिस्सा 38.3% रहा।
  • फिक्स्ड डिपॉजिट : FD के जरिए जमा राशि में 14.26% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

इन आंकड़ों से पता चलता है कि बैंक के पास जमा राशि में अच्छी बढ़ोतरी हुई है।

SBI का डूबा हुआ कर्ज घटा, एसेट क्वालिटी में सुधार

दूसरी तिमाही में SBI की एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला। बैंक का नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (Net NPA) अनुपात घटकर 0.36% रह गया। तुलना करें तो पिछली तिमाही में यह 0.38% और पिछले साल की समान तिमाही में 0.42% था। नेट NPA में गिरावट का मतलब है कि बैंक के कुल कर्ज के मुकाबले फंसे हुए कर्ज का अनुपात कम हुआ है। यह बैंक की कर्ज वसूली और एसेट क्वालिटी के लिहाज से सकारात्मक संकेत है।

बाजार के अनुमान से बेहतर रहा SBI का प्रदर्शन

दूसरी तिमाही में SBI का मुनाफा बाजार के अनुमान से ज्यादा रहा। विश्लेषकों को उम्मीद थी कि बैंक का मुनाफा करीब ₹22,860 करोड़ रह सकता है, जबकि वास्तविक आंकड़ा ₹23,038 करोड़ रहा। वहीं, नेट इंटरेस्ट इनकम में 11% से 13% तक बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया था। बैंक ने करीब 15% की वृद्धि दर्ज कर इन अनुमानों को पीछे छोड़ दिया। ब्रोकरेज फर्मों को बैंक की लोन ग्रोथ और एसेट क्वालिटी में सुधार जारी रहने की उम्मीद थी। हालांकि, लोन ग्रोथ को लेकर दिए गए अनुमान और वास्तविक प्रदर्शन की अलग-अलग तुलना के लिए विस्तृत नतीजों की जरूरत होगी।

ब्रोकरेज फर्मों ने दिए ₹1,200 से ₹1,370 तक के टारगेट

SBI के शेयर को लेकर कई ब्रोकरेज फर्मों ने सकारात्मक रुख दिखाया है। अलग-अलग ब्रोकरेज के टारगेट प्राइस इस प्रकार हैं :

ब्रोकरेज फर्म ——————— टारगेट प्राइस

मोतीलाल ओसवाल ————— ₹1,370

ICICI सिक्योरिटीज —————- ₹1,300

एक्सिस डायरेक्ट ——————- ₹1,280

प्रभुदास लीलाधर ——————- ₹1,200

मोतीलाल ओसवाल ने SBI के शेयर को खरीदने की सलाह देते हुए ₹1,370 का टारगेट दिया है। वहीं, ICICI सिक्योरिटीज ने ₹1,300, एक्सिस डायरेक्ट ने ₹1,280 और प्रभुदास लीलाधर ने ₹1,200 का टारगेट तय किया है।

देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है SBI

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है। इसकी स्थापना 1 जुलाई 1955 को हुई थी और इसका मुख्यालय मुंबई में है। बैंक में भारत सरकार की करीब 55.5% हिस्सेदारी बताई गई है। SBI का देशभर में बड़ा बैंकिंग नेटवर्क है। इसके 22,500 से ज्यादा ब्रांच और 50 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं। बैंक भारत के अलावा दुनिया के 29 देशों में भी अपनी सेवाएं देता है। भारत के बाहर इसकी 241 शाखाएं हैं। दूसरी तिमाही में मुनाफे, ब्याज से कमाई और एसेट क्वालिटी में सुधार SBI के लिए सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि, शेयर में निवेश से पहले निवेशकों को बैंक के पूरे वित्तीय नतीजों, वैल्यूएशन और बाजार के जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए।