मुंबई | 15 जुलाई 2026
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के शरद पवार गुट में संभावित टूट और एनडीए से नजदीकियों की अटकलों ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। हालांकि, एनसीपी (शरद गुट) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सभी नेता शरद पवार के नेतृत्व में मजबूती के साथ काम कर रहे हैं।
फडणवीस से मुलाकात के बाद बढ़ीं चर्चाएं
राजनीतिक चर्चाओं को उस समय और बल मिला जब 14 जुलाई की देर रात जयंत पाटिल ने पहले शरद पवार से उनके 'सिल्वर ओक' आवास पर मुलाकात की और उसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी भेंट की। इसी दौरान अजित पवार गुट के नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल ने भी फडणवीस से अलग बैठक की। इन बैठकों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की अटकलें तेज हो गईं।
संजय राउत ने बताया अफवाह
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इन चर्चाओं को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि एनसीपी (शरद गुट), शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस को लेकर जानबूझकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं। राउत के मुताबिक, बीजेपी और उसके सहयोगी दल राजनीतिक माहौल बनाने के लिए इस तरह की खबरों को हवा दे रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सुप्रिया सुले से बातचीत हुई है और वह भी इन अटकलों से हैरान हैं।
विधायकों को लेकर चर्चा तेज
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के कुछ विधायकों के बीच सत्ता पक्ष के साथ जाने को लेकर चर्चा जरूर चल रही है। उनका मानना है कि विपक्ष में रहने से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए फंड और योजनाओं की मंजूरी प्राप्त करना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व की ओर से फिलहाल किसी भी तरह के राजनीतिक बदलाव से इनकार किया गया है। अब सभी की नजर आगामी राजनीतिक घटनाक्रम और एनसीपी नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हुई है।




