नैनीताल: उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम में सोमवार को आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। बाबा नीम करोली महाराज के 62वें स्थापना दिवस के अवसर पर देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। सुबह होते-होते मंदिर परिसर और आसपास का इलाका भक्तों की भीड़ से भर गया।
प्रशासन के अनुसार, सुबह के कुछ घंटों में ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके थे। मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं, जबकि कई श्रद्धालु रात से ही दर्शन की प्रतीक्षा में आसपास के क्षेत्रों में रुके हुए थे।
क्यों खास है 15 जून का दिन?
कैंची धाम के इतिहास में 15 जून का विशेष महत्व माना जाता है। इसी दिन वर्ष 1964 में बाबा नीम करोली महाराज ने इस आश्रम की स्थापना की थी। स्थापना दिवस के अवसर पर हर वर्ष विशेष पूजा-अर्चना, हनुमान जी की आराधना, भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन किया जाता है।
मान्यता है कि इसी दिन आश्रम परिसर में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा का विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम भी संपन्न हुआ था। यही कारण है कि हर साल यह अवसर भक्तों के लिए एक बड़े आध्यात्मिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
देश ही नहीं, विदेशों से भी पहुंचते हैं श्रद्धालु
कैंची धाम केवल भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में प्रसिद्ध है। बाबा नीम करोली महाराज के अनुयायी अमेरिका, यूरोप और अन्य देशों से भी यहां पहुंचते हैं। कई श्रद्धालु बाबा को अपनी आध्यात्मिक प्रेरणा मानते हैं और हर वर्ष स्थापना दिवस पर दर्शन के लिए आने की कोशिश करते हैं।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन अलर्ट
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग ने विशेष इंतजाम किए हैं। यातायात व्यवस्था, सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि शाम तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना बनी हुई है।
बाबा नीम करोली महाराज से जुड़ी आस्था
बाबा नीम करोली महाराज को 20वीं सदी के प्रमुख संतों में गिना जाता है। उनके जीवन और शिक्षाओं से प्रभावित होकर लाखों लोग आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़े हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि सच्चे मन से बाबा का स्मरण करने पर जीवन की कठिनाइयों से उबरने की शक्ति मिलती है।
आज भी कैंची धाम आने वाले भक्त यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति को विशेष अनुभव मानते हैं। स्थापना दिवस पर उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि बाबा के प्रति लोगों की श्रद्धा समय के साथ और भी मजबूत होती जा रही है।




