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गणेश चतुर्थी पर घर लाएं इको-फ्रेंडली गणपति, मिट्टी से सीड आइडल तक चुनें ये 5 विकल्प | Diarch News
गणेश चतुर्थी पर घर लाएं इको-फ्रेंडली गणपति, मिट्टी से सीड आइडल तक चुनें ये 5 विकल्प
गणेश चतुर्थी पर पर्यावरण का ध्यान रखते हुए मिट्टी, शाडू मिट्टी, कागज और बीज वाली गणेश मूर्ति को चुना जा सकता है। प्राकृतिक रंगों और बिना प्लास्टिक सजावट वाली प्रतिमा से सस्टेनेबल गणेशोत्सव मनाने में मदद मिल सकती है।
Sapna Kashyap
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नई दिल्ली, 7 सितंबर। गणेश चतुर्थी के मौके पर घर में गणपति बप्पा की स्थापना को लेकर उत्साह बढ़ जाता है। लोग सुंदर मूर्तियां खरीदकर पूजा की तैयारी करते हैं, लेकिन अब त्योहार मनाने के साथ पर्यावरण का ध्यान रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। ऐसे में मिट्टी, शाडू मिट्टी, कागज और बीजों से बनी गणेश मूर्तियां बेहतर विकल्प हो सकती हैं।
मिट्टी की गणेश मूर्ति है आसान विकल्प
प्राकृतिक मिट्टी से बनी मूर्तियों को इको-फ्रेंडली गणेश उत्सव के लिए लोकप्रिय विकल्प माना जाता है। ऐसी मूर्तियों में प्लास्टर ऑफ पेरिस और गैर-प्राकृतिक सामग्री से बचने की कोशिश की जाती है। विसर्जन के बाद साधारण मिट्टी अपेक्षाकृत आसानी से प्राकृतिक रूप से मिल सकती है।
सीड गणेश से पूजा के बाद उगाएं पौधा
बीज वाली गणेश मूर्ति पर्यावरण के साथ जुड़ा खास आइडिया है। इसमें मिट्टी के साथ पौधों के बीज शामिल किए जाते हैं। पूजा के बाद मूर्ति को गमले में रखकर पानी दिया जा सकता है। समय के साथ बीज अंकुरित होकर पौधे में बदल सकते हैं। इससे विसर्जन की जगह प्लांटिंग का विकल्प भी मिलता है।
शाडू मिट्टी की मूर्ति भी चुन सकते हैं
शाडू मिट्टी से बनी छोटी गणेश प्रतिमाएं घर की पूजा के लिए अच्छी पसंद हो सकती हैं। खासकर छोटे घरों में हल्की और कॉम्पैक्ट मूर्ति संभालना आसान रहता है। खरीदते समय मूर्ति की सामग्री और रंगों के बारे में जानकारी जरूर लें।
कागज से बनी मूर्ति देगी अलग लुक
कागज या रिसाइकल्ड पेपर से बनी गणेश मूर्तियां भी एक विकल्प हैं। ऐसी प्रतिमाएं अपेक्षाकृत हल्की होती हैं और अलग तरह की डिजाइन में मिल सकती हैं। इन्हें चुनते समय यह देखना जरूरी है कि इनमें प्लास्टिक या पानी को नुकसान पहुंचाने वाली अन्य सामग्री का इस्तेमाल न हुआ हो।
आटे से घर पर बनाएं गणपति
बाजार से मूर्ति खरीदने के बजाय घर पर आटे या अन्य प्राकृतिक सामग्री से छोटी गणेश प्रतिमा भी बनाई जा सकती है। बच्चों को इसमें शामिल करके इसे रचनात्मक पारिवारिक गतिविधि बनाया जा सकता है। इससे उन्हें पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी आसानी से समझाया जा सकता है।
प्राकृतिक रंगों वाली मूर्ति को दें प्राथमिकता
मूर्ति चुनते समय केवल उसकी सामग्री नहीं, बल्कि रंग और सजावट भी देखें। प्राकृतिक या पानी में घुलने वाले रंगों वाली मूर्ति को प्राथमिकता देना बेहतर है। प्लास्टिक की सजावट, ग्लिटर और ऐसी सामग्री से बचें जो विसर्जन के बाद जलस्रोतों में कचरा बढ़ा सकती है।
गणेश उत्सव की खुशी और आस्था के साथ छोटी-छोटी पर्यावरण-अनुकूल पसंद अपनाकर त्योहार को अधिक जिम्मेदार और टिकाऊ बनाया जा सकता है।