नई दिल्ली, 19 अक्टूबर 2026 : भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि दोनों देश ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। हालांकि समझौते की शर्तों और हस्ताक्षर की तारीख को लेकर अभी कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है। अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है, जब वह भारत दौरे पर हैं और 20 अक्टूबर को मुंबई में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करने वाले हैं। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, ऊर्जा, निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण तकनीकों समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

'ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के बेहद करीब'

विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को कहा कि अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है और दोनों पक्ष इसके काफी करीब पहुंच चुके हैं। उनका बयान भारत-अमेरिका के बीच जारी व्यापार वार्ता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी बातचीत में तेज प्रगति होने की बात कह चुके हैं। हालांकि, ट्रेड डील पर अंतिम सहमति और आधिकारिक घोषणा होना अभी बाकी है।

रूस से तेल खरीद और अमेरिकी प्रतिबंधों पर क्या बोले रुबियो?

अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने रूस से तेल और गैस की आपूर्ति तथा प्रतिबंधों में छूट से जुड़े सवाल पर कहा कि अमेरिका को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर पड़ने वाले असर को भी ध्यान में रखना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कुछ देशों के लिए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत तलाशना आसान नहीं होता। विदेश नीति बनाते समय भौगोलिक परिस्थितियों, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक बाजार जैसे कई पहलुओं के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। रुबियो के मुताबिक, इन परिस्थितियों को ध्यान में रखना कोई बहाना नहीं, बल्कि नीतिगत फैसले लेते समय जरूरी वास्तविकताओं को समझना है। उनके इस बयान को रूस से ऊर्जा खरीद और भारत-अमेरिका संबंधों के बीच संतुलन के संदर्भ में देखा जा रहा है।

20 अक्टूबर को मुंबई में जयशंकर से मुलाकात

भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, एस. जयशंकर और मार्को रुबियो की बैठक 20 अक्टूबर को मुंबई में निर्धारित है। बातचीत का उद्देश्य दोनों देशों की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है।

बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है :

  • व्यापार और निवेश : प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील और आर्थिक सहयोग।
  • ऊर्जा सहयोग : तेल, गैस और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े विषय।
  • रक्षा साझेदारी : रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अवसर।
  • महत्वपूर्ण तकनीक : उभरती तकनीकों और रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी।
  • वैश्विक मुद्दे : क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श।

रुबियो की भारत यात्रा के दौरान गुजरात के जामनगर में भी कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जहां ऊर्जा और कारोबारी सहयोग से जुड़े विषय अहम रह सकते हैं।

क्या जल्द हो सकता है भारत-अमेरिका व्यापार समझौता ?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयान से संकेत मिलता है कि व्यापार वार्ता महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है। लेकिन समझौते के वास्तविक असर का आकलन उसकी अंतिम शर्तों, शुल्क व्यवस्था और दोनों देशों की औपचारिक घोषणा के बाद ही किया जा सकेगा। भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक हित अहम हैं, जबकि अमेरिका भी अपने आर्थिक और रणनीतिक उद्देश्यों को ध्यान में रखकर फैसले ले रहा है। ऐसे में 20 अक्टूबर को जयशंकर और रुबियो की बातचीत पर नजर रहेगी।