चंडीगढ़, 2 नवंबर 2026 : पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के तीन विधायकों ने इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं में अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह, समाना से चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से हरमीत सिंह पठानमाजरा शामिल हैं।तीनों विधायकों ने 2 नवंबर 2026 को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पंजाब भाजपा प्रभारी सतीश पूनिया और प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा में शामिल होने के बाद तीनों नेताओं ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने राज्य में बढ़ते नशे, गैंगस्टरवाद, फिरौती, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

कुंवर विजय प्रताप बोले- पंजाब में फिरौती बनी इंडस्ट्री

भाजपा में शामिल होने के बाद पूर्व IPS अधिकारी और विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशे और गैंगस्टरवाद का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। कुंवर विजय प्रताप ने कहा कि पंजाब में फिरौती एक इंडस्ट्री बन चुकी है। जिन गैंगस्टरों के खिलाफ वह अदालत में गवाही दे रहे हैं, उन्हें लेकर भी उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पंजाब आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। राज्य में बेरोजगारी चरम पर है और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। उनके मुताबिक, पंजाब को दोबारा शांति और खुशहाली के रास्ते पर लाने की जरूरत है।

हरमीत पठानमाजरा ने AAP सरकार पर लगाया कर्ज बढ़ाने का आरोप

भाजपा में शामिल हुए हरमीत सिंह पठानमाजरा ने आम आदमी पार्टी सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि AAP सरकार के कार्यकाल में पंजाब पर करीब ढाई लाख करोड़ रुपये का कर्ज बढ़ा है। पठानमाजरा ने कहा कि जब भी उन्होंने पंजाब के हितों से जुड़े मुद्दे उठाए, उन्हें परेशान किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में पंजाब के मुद्दों पर स्वतंत्र रूप से बोलने वाले नेताओं को महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने पंजाब से नशे और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए भाजपा के साथ मिलकर काम करने की बात कही।

चेतन जौड़ामाजरा बोले-पंजाब में कब किसकी हत्या हो जाए, पता नहीं

समाना से विधायक रहे चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने राज्य की कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भगवंत मान सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब में गैंगस्टरवाद, नशा, लूटपाट और चेन स्नैचिंग जैसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। मौजूदा हालात में लोगों को यह डर बना रहता है कि कब और कहां कोई अप्रिय घटना हो जाए। जौड़ामाजरा ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि सरकार ने करीब 3,000 ग्रामीण डिस्पेंसरियां बंद कर 881 आम आदमी क्लीनिक खोले हैं। उन्होंने इसे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार मानने से इनकार किया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और AAP की चुनावी गारंटियों को लेकर भी सरकार की आलोचना की।

तीनों विधायकों ने दो दिनों में छोड़ी AAP

आम आदमी पार्टी के तीनों विधायकों ने पिछले दो दिनों के दौरान पार्टी छोड़ने का फैसला किया।

  • चेतन सिंह जौड़ामाजरा : समाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे और AAP सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।
  • हरमीत सिंह पठानमाजरा : सनौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे। उनके खिलाफ रेप का मामला दर्ज होने और ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई भी हुई थी।
  • कुंवर विजय प्रताप सिंह : अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पंजाब पुलिस के पूर्व IPS अधिकारी हैं। पार्टी ने जून 2025 में उन्हें कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते पांच साल के लिए निलंबित किया था।

कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पार्टी छोड़ने के साथ विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था। विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

दो विधायकों को विधानसभा स्पीकर का नोटिस

AAP छोड़कर भाजपा में शामिल हुए चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा की विधानसभा सदस्यता को लेकर विवाद शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी ने दोनों विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। इसके बाद पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने दोनों नेताओं को नोटिस जारी किया है। दोनों विधायकों को 5 नवंबर 2026 को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। स्पीकर के मुताबिक, उनका पक्ष सुनने के बाद विधानसभा सदस्यता को लेकर फैसला लिया जाएगा। हरमीत पठानमाजरा ने भाजपा में शामिल होने के बाद विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा भी की है।

भाजपा बोली- पंजाब में AAP के खिलाफ मजबूत सत्ता विरोधी लहर

तीनों विधायकों के भाजपा में शामिल होने पर पंजाब भाजपा प्रभारी सतीश पूनिया ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में भाजपा तीन प्रमुख मुद्दों- चिट्टा, करप्शन और क्राइम के खिलाफ काम कर रही है। पूनिया ने दावा किया कि पंजाब में भाजपा के पक्ष में अंडरकरंट है और आम आदमी पार्टी के खिलाफ मजबूत सत्ता विरोधी लहर दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि AAP के नेता उसकी नीतियों से निराश होकर भाजपा से जुड़ रहे हैं। वहीं, पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि आम आदमी पार्टी का राजनीतिक आधार कमजोर हो रहा है और पंजाब की जनता के साथ धोखा हुआ है।

चौथे AAP विधायक के पार्टी छोड़ने की चर्चा, डॉ. चरणजीत सिंह ने किया इनकार

तीन विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद चमकौर साहिब से AAP विधायक डॉ. चरणजीत सिंह के भी पार्टी छोड़ने की चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, डॉ. चरणजीत सिंह ने इन खबरों को गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह आम आदमी पार्टी नहीं छोड़ेंगे और न ही निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।

पंजाब की राजनीति में बढ़ी हलचल

विधानसभा चुनाव से पहले तीन विधायकों का AAP छोड़कर भाजपा में शामिल होना पंजाब की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। एक तरफ भाजपा इसे अपनी राजनीतिक मजबूती के रूप में पेश कर रही है, वहीं AAP के सामने पार्टी के भीतर असंतोष और विधायकों की सदस्यता से जुड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इन नेताओं के भाजपा में शामिल होने का पंजाब की राजनीति और विधानसभा के समीकरणों पर कितना असर पड़ता है।