नई दिल्ली, 19 अगस्त 2026 : पाकिस्तान के एक मौलाना के उस दावे के बाद सुरक्षा को लेकर नई बहस छिड़ गई है, जिसमें कहा गया कि लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद ने 10,000 आतंकियों को प्रशिक्षण देकर भारत भेजा है। इस दावे पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि लश्कर जैसे आतंकी संगठनों को केवल भारत या कश्मीर तक सीमित खतरे के रूप में देखना बड़ी भूल होगी। पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने कहा कि ऐसे संगठनों का एजेंडा व्यापक है और अगर उन्हें नहीं रोका गया तो भविष्य में लंदन, वाशिंगटन और इजरायल जैसे स्थान भी उनके निशाने पर आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के खतरनाक एजेंडे से दुनिया के लोग अच्छी तरह से वाकिफ हैं और उन्हें इसे दुनियाभर में फैलने से रोकना होगा।

'सच सामने आ ही जाता है', पाकिस्तान पर पूर्व DGP का निशाना

पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से यह दावा करता रहा है कि वहां मौजूद आतंकी संगठन केवल कश्मीर मुद्दे को लेकर 'नैतिक समर्थन' देते हैं। हालांकि, उनके मुताबिक पाकिस्तान के भीतर से सामने आने वाले बयान ही इन दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता और समय के साथ वह सामने आ जाती है।

'लश्कर किसी का शुभचिंतक नहीं'

एसपी वैद्य के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों को केवल कश्मीर केंद्रित संगठन मानना सही नहीं है। उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने कई आतंकियों से पूछताछ की है और ऐसे संगठनों की गतिविधियों को करीब से देखा है। उनका कहना है कि इन संगठनों का खतरा सिर्फ कश्मीर या भारत तक सीमित नहीं है। अगर आतंकवाद पर प्रभावी ढंग से रोक नहीं लगाई गई तो इसका असर दूसरे देशों तक भी पहुंच सकता है।

पाकिस्तान के मौलाना ने क्या दावा किया ?

दरअसल, पाकिस्तान के मौलाना नसीर मदनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो को 14 अगस्त का बताया जा रहा है। इसमें उन्होंने लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद की तारीफ करते हुए दावा किया कि उसने 10,000 आतंकियों को कश्मीर भेजा। हालांकि, यह दावा मौलाना के बयान पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।

हाफिज सईद पर भारत में भी कार्रवाई

हाफिज सईद का नाम भारत में कई आतंकी मामलों में सामने आता रहा है। हाल में एनआईए ने पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े मामले में दायर अतिरिक्त चार्जशीट में उसका नाम शामिल किया था। इसके बाद जम्मू की विशेष एनआईए अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।भारत पहले भी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों और उनके ठिकानों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताता रहा है।

'खतरा सिर्फ भारत तक सीमित नहीं'

पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य का मुख्य संदेश यही है कि लश्कर जैसे आतंकी संगठनों को केवल भारत-पाकिस्तान विवाद के चश्मे से देखना पर्याप्त नहीं है। उनके मुताबिक, आतंकवाद का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल सकता है और इससे कई देशों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।