पटना : 28/06/2026

बिहार में शिक्षा के नए दौर की शुरुआत

बिहार की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को पटना के पहले मॉडल स्कूल का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे राज्य के प्रतिष्ठित पटना साइंस कॉलेज का भी दौरा करेंगे, जहां शैक्षणिक और शोध संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। शिक्षा विभाग इसे बिहार में गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मान रहा है।

पटना कॉलेजिएट हाई स्कूल बना बिहार का पहला मॉडल स्कूल

राजधानी पटना के दरियापुर स्थित ऐतिहासिक पटना कॉलेजिएट हाई स्कूल को राज्य के पहले मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया गया है। इस स्कूल के भवन, कक्षाओं और शैक्षणिक संसाधनों को आधुनिक स्वरूप दिया गया है ताकि विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

आधुनिक तकनीक से होगी पढ़ाई

मॉडल स्कूल में विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लासरूम, आईसीटी (Information and Communication Technology) आधारित डिजिटल शिक्षण व्यवस्था, आधुनिक कंप्यूटर लैब, विज्ञान की अलग-अलग प्रयोगशालाएं और बेहतर पुस्तकालय विकसित किए गए हैं। इसके साथ ही खेल, संगीत, कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।

शिक्षा विभाग का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम बेहतर करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तकनीकी दक्षता और व्यवहारिक ज्ञान विकसित करना भी है।

दोपहर 3 बजे उद्घाटन, शाम को साइंस कॉलेज का दौरा

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 3 बजे मॉडल स्कूल का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद शाम करीब 4:50 बजे पटना साइंस कॉलेज पहुंचेंगे। यहां वे भौतिकी, रसायन विज्ञान, प्राणी विज्ञान और भूविज्ञान विभागों का निरीक्षण करेंगे तथा प्रयोगशालाओं और उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं का जायजा लेंगे।

शाम की कक्षाओं की होगी समीक्षा

मुख्यमंत्री पहले ही पटना साइंस कॉलेज में शाम की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा कर चुके हैं। इसी व्यवस्था की प्रगति की समीक्षा भी इस दौरे का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगी। सरकार का लक्ष्य उच्च शिक्षा में संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए अधिक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

क्यों खास है यह पहल?

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मॉडल स्कूल व्यवस्था लागू होने से सरकारी विद्यालयों में आधुनिक शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में राज्य के अन्य जिलों में भी इसी तर्ज पर मॉडल स्कूल विकसित किए जा सकते हैं। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता भी खुलेगा।

सरकार की दीर्घकालिक योजना

शिक्षा विभाग का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाएं, प्रशिक्षित शिक्षक और बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध कराकर शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार करना है। पटना का पहला मॉडल स्कूल इसी व्यापक योजना की शुरुआत माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि इस मॉडल को आगे राज्य के अन्य जिलों में किस गति से लागू किया जाता है।