सम्राट कैबिनेट के विस्तार के बाद एक मुद्दा चर्चा का विष्य बना हुआ है मामला है सम्राट कैबिनेट की मंत्रिमंडल के धनकोस्ट का सूत्रो के अनुसार सिर्फ तीन मंत्रियों की संपत्ति एक करोड़ से कम, पुरुषों से ज्यादा अमीर निकलीं महिला मंत्री.
बिहार की नई सम्राट कैबिनेट में करोड़पति
बिहार की नई सम्राट कैबिनेट में करोड़पति मंत्रियों की संख्या चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। मंत्रियों द्वारा चुनाव आयोग और सरकार को दिए गए शपथ पत्रों और संपत्ति विवरण के अनुसार अधिकांश मंत्री करोड़पति हैं। खास बात यह है कि कैबिनेट में शामिल महिला मंत्री संपत्ति के मामले में कई पुरुष मंत्रियों से आगे निकलती दिखाई दे रही हैं।
नई सरकार के गठन के बाद सामने आए आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि बिहार की राजनीति में आर्थिक रूप से मजबूत नेताओं का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। कैबिनेट में शामिल ज्यादातर मंत्रियों की चल-अचल संपत्ति करोड़ों में है। केवल तीन मंत्री ऐसे हैं जिनकी कुल संपत्ति एक करोड़ रुपये से कम बताई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव लड़ने की बढ़ती लागत और राजनीतिक प्रभाव बनाए रखने के लिए बड़े आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता अब आम बात हो चुकी है। यही वजह है कि अधिकांश मंत्री संपन्न पृष्ठभूमि से आते हैं या वर्षों की राजनीतिक सक्रियता के दौरान उन्होंने बड़ी संपत्ति अर्जित की है।
महिला मंत्रियों ने छोड़ा पीछे
इस बार कैबिनेट में शामिल महिला मंत्रियों की आर्थिक स्थिति ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कई महिला मंत्री पुरुष मंत्रियों से कहीं अधिक संपत्ति की मालकिन हैं। उनके पास करोड़ों की जमीन, मकान, व्यवसायिक निवेश और बैंक बैलेंस दर्ज हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने के साथ-साथ आर्थिक रूप से मजबूत महिला नेताओं की संख्या भी बढ़ी है। कई महिला मंत्री पारिवारिक व्यवसाय, कृषि भूमि और अन्य निवेश के कारण संपत्ति के मामले में आगे हैं।
विपक्ष ने उठाए सवाल
कैबिनेट की संपत्ति को लेकर विपक्ष ने भी सवाल खड़े किए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक परेशानियों से जूझ रही है, जबकि सरकार में शामिल अधिकांश मंत्री करोड़पति हैं। विपक्ष ने मंत्रियों की आय के स्रोत और संपत्ति में हुई बढ़ोतरी की पारदर्शी जांच की मांग की है।
हालांकि सत्ता पक्ष का कहना है कि सभी मंत्रियों ने कानून के तहत अपनी संपत्ति का पूरा विवरण सार्वजनिक किया है और इसमें कुछ भी छिपा नहीं है। नेताओं का तर्क है कि संपत्ति होना कोई अपराध नहीं है और लोकतंत्र में हर वर्ग के लोगों को राजनीति में भाग लेने का अधिकार है।
राजनीति और संपत्ति का बदलता समीकरण
बिहार की नई कैबिनेट के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि राजनीति और संपत्ति का रिश्ता पहले से अधिक मजबूत हो चुका है। करोड़पति नेताओं का बढ़ता प्रभाव भविष्य की राजनीति की दिशा तय कर सकता है। वहीं महिला मंत्रियों का आर्थिक रूप से मजबूत होना राजनीति में बदलती सामाजिक तस्वीर की ओर भी इशारा करता है।




