प्रीमियम हाउसिंग की बढ़ती मांग और महंगी निर्माण लागत ने बदला बाजार का गणित
नई दिल्ली: देश का रियल एस्टेट सेक्टर लगातार मजबूती दिखा रहा है, लेकिन इसके साथ ही घर खरीदने की लागत भी बढ़ती जा रही है। बाजार रिपोर्ट्स के अनुसार, बड़े शहरों में आवासीय संपत्तियों की कीमतों में लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में भी यह रुझान जारी रह सकता है।
3.48 लाख से अधिक घरों की बिक्री
रियल एस्टेट कंसल्टेंसी रिपोर्ट्स के मुताबिक वर्ष 2025 के दौरान देश के आठ प्रमुख शहरों में करीब 3.48 लाख आवासीय इकाइयों की बिक्री दर्ज की गई। हालांकि बिक्री में मामूली गिरावट देखने को मिली, लेकिन बाजार की मजबूती बरकरार रही। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि खरीदारों का रुझान अब महंगे और प्रीमियम घरों की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
₹1 करोड़ से ऊपर के घरों की बढ़ी हिस्सेदारी
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में ₹1 करोड़ से अधिक कीमत वाले मकानों ने कुल आवासीय बिक्री में लगभग 50 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की। इस श्रेणी में करीब 1.75 लाख यूनिट्स की बिक्री हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 14 प्रतिशत अधिक रही। इसके विपरीत, ₹50 लाख से कम कीमत वाले घरों की मांग में गिरावट देखी गई।
क्यों बढ़ रही हैं प्रॉपर्टी की कीमतें?
विशेषज्ञों के अनुसार, स्टील, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतें, जमीन की ऊंची लागत और श्रम खर्च में वृद्धि इसके प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा तेजी से हो रहे शहरीकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के विस्तार और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने भी बाजार को मजबूती दी है।
किन शहरों में सबसे ज्यादा बढ़ीं कीमतें?
हालिया आंकड़ों के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में आवासीय संपत्तियों की औसत कीमतों में करीब 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं हैदराबाद में 13 प्रतिशत, बेंगलुरु में 12 प्रतिशत, मुंबई में 11 प्रतिशत और पुणे में लगभग 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई। इसके अलावा चेन्नई, कोलकाता और बिहार की राजधानी पटना में भी आवासीय संपत्तियों की कीमतों में लगातार वृद्धि का रुझान बना हुआ है। कई अन्य प्रमुख शहरों में भी कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं।
2026 में क्या हैं संकेत?
वर्ष 2026 की पहली तिमाही में देश के शीर्ष सात शहरों में लगभग 1.26 लाख नई आवासीय इकाइयां लॉन्च की गईं, जबकि बिक्री करीब 1.01 लाख यूनिट्स रही। इससे बाजार में उपलब्ध स्टॉक बढ़ा है, लेकिन मांग मजबूत रहने के कारण कीमतों पर फिलहाल कोई खास दबाव नहीं दिख रहा।
खरीदारों और निवेशकों के लिए क्या मायने?
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों की निकट भविष्य में घर खरीदने की योजना है, उन्हें बाजार की स्थिति पर नजर बनाए रखनी चाहिए। यदि मांग और निर्माण लागत इसी तरह बढ़ती रही तो आने वाले समय में घर खरीदना और महंगा हो सकता है। दूसरी ओर निवेशकों के लिए रियल एस्टेट अभी भी एक आकर्षक विकल्प बना हुआ है।
भारतीय रियल एस्टेट बाजार फिलहाल विकास के दौर से गुजर रहा है। हालांकि बढ़ती कीमतें आम खरीदारों के लिए चुनौती बन सकती हैं, लेकिन उद्योग जगत इसे अर्थव्यवस्था की मजबूती और निवेशकों के विश्वास का संकेत मान रहा है।
BusinessMedia
घर खरीदने का सपना हो सकता है महंगा! रियल एस्टेट बाजार में बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई खरीदारों की चिंता
देश के रियल एस्टेट बाजार में प्रीमियम घरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। बढ़ती निर्माण लागत और शहरीकरण के बीच कई बड़े शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं।

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