पटना, 24 सितंबर। बिहार के समस्तीपुर में नाबालिग लड़की से कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने घटना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने जमुई मामले का हवाला देते हुए समस्तीपुर के आरोपियों के खिलाफ भी एनकाउंटर जैसी कार्रवाई की मांग की।
चिराग पासवान ने क्या कहा?
चिराग पासवान ने समस्तीपुर की घटना को शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बच्चियों के साथ सार्वजनिक जगह पर ऐसी घटनाएं होना कानून-व्यवस्था और प्रशासन की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही उन्होंने जमुई में हुई पुलिस कार्रवाई का उदाहरण देते हुए समस्तीपुर के आरोपियों के एनकाउंटर की मांग भी रखी।
वायरल वीडियो के बाद पुलिस की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव के पास बांध की सड़क से जुड़ा एक वीडियो 23 सितंबर की शाम सोशल मीडिया निगरानी के दौरान सामने आया। तकनीकी जांच के बाद घटनास्थल की पहचान की गई। पुलिस ने बताया कि वीडियो करीब एक सप्ताह पुराना है।
पीड़िता की पहचान तत्काल स्थापित नहीं हो पाने और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पदाधिकारी के बयान पर 24 सितंबर को केस दर्ज किया गया। मामले में बीएनएस, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
छह घंटे में चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, वीडियो और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। सूचना मिलने के करीब छह घंटे के भीतर चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास कुमार, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार पीड़िता प्रथम दृष्टया नाबालिग बताई जा रही है।
कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत तेज
समस्तीपुर की घटना ऐसे समय सामने आई है जब बिहार में जमुई की घटना को लेकर भी चर्चा जारी है। दोनों मामलों को लेकर कानून-व्यवस्था और लड़कियों की सुरक्षा पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब निगाह पुलिस की आगे की जांच और मामले में होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है।






