पटना | 09 जुलाई 2026
बिहार में आधुनिक और तेज सार्वजनिक परिवहन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने चार रैपिड रेल कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत राजधानी पटना को गया, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, आरा और अन्य प्रमुख शहरों से हाई-स्पीड रैपिड रेल नेटवर्क के माध्यम से जोड़ा जाएगा। सरकार का दावा है कि परियोजना पूरी होने के बाद शहरों के बीच यात्रा का समय वर्तमान की तुलना में लगभग दो-तिहाई तक कम हो जाएगा।
कैबिनेट बैठक में लगी मुहर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस परियोजना सहित कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। रैपिड रेल परियोजना की प्रारंभिक योजना तैयार करने के लिए 31.59 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई है।
NCRTC तैयार करेगा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट
सरकार ने इस परियोजना का तकनीकी खाका तैयार करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को सौंपी है। निगम चारों प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (AAR) और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करेगा। अध्ययन के दौरान यह भी तय किया जाएगा कि किन मार्गों पर एलिवेटेड ट्रैक उपयुक्त होंगे और किन स्थानों पर भूमिगत (अंडरग्राउंड) रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा।
दिल्ली-NCR मॉडल पर विकसित होगा नेटवर्क
बिहार में प्रस्तावित रैपिड रेल सेवा को दिल्ली-मेरठ 'नमो भारत' परियोजना की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यह सेमी हाई-स्पीड रेल प्रणाली होगी, जो कम समय में शहरों के बीच सुरक्षित और तेज आवागमन उपलब्ध कराएगी। इससे रोजाना आने-जाने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को भी मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार ने पटना, सोनपुर, गया और मुजफ्फरपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू करने का निर्णय लिया है। इन टाउनशिप में सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य आधुनिक बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे राजधानी पटना पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले
बैठक में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और फसलों का डिजिटल सर्वे कराने के लिए 154 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा वर्ष 2030 तक सरकारी भवनों की छतों पर 500 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की योजना को स्वीकृति मिली। वहीं विक्रमशिला सेतु की मरम्मत और बेली ब्रिज निर्माण के लिए 126.25 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। साथ ही मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में लगे ERO और AERO अधिकारियों के वार्षिक मानदेय में भी वृद्धि को मंजूरी दी गई है।




