पटना, 20 अक्टूबर 2026 : बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी काफी तेज हो गई है। जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने NDA पर जमकर निशाना साधा है। इस बीच पीके ने दावा किया है कि पूर्व सीएम नीतीश कुमार के हटने के बाद गठबंधन की स्थिति काफी कमजोर हो गई है। उन्होंने जेडीयू और बीजेपी के बीच तालमेल की कमी का भी आरोप लगाया। विधायक प्रशांत किशोर चुनाव प्रचार के दौरान अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के समर्थन में वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए के बीच सबकुछ ठीकठाक नहीं है। एनडीए के कई दलों में आपसी कोई तालमेल नहीं है।

JDU-BJP में तालमेल की कमी का दावा

जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बिहार में बीजेपी और जेडीयू के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उनके मुताबिक, विधान परिषद चुनाव में NDA को जीत हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। वहीं, NDA के नेता सभी आठ सीटों पर जीत का दावा कर रहे हैं। विधायक प्रशांत किशोर का कहना है कि चुनाव के नतीजों से गठबंधन की वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। हालांकि, NDA के भीतर तालमेल की कमी को लेकर किए गए उनके दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

नीतीश कुमार के हटने का चुनाव पर पड़ेगा असर ?

जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने कहा है कि नीतीश कुमार के हटने के बाद NDA की राजनीतिक स्थिति में काफी बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि इसका असर बिहार विधान परिषद चुनाव में देखने को मिल सकता है। उन्होंने लोकतंत्र में जनता की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि राजनीतिक ताकत का असली आधार जनता का समर्थन ही होता है। उन्होंने कहा कि चुनाव के जरिए मतदाता अपने प्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों को संदेश दे सकते हैं।

जन सुराज के समर्थन में PK की अपील

विधायक प्रशांत किशोर ने जन सुराज के प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर मतदाता जन सुराज का समर्थन करते हैं, तो इससे मौजूदा सरकार पर अंकुश लगाने और राजनीतिक व्यवस्था पर दबाव बनाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले चार वर्षों तक NDA की सरकार और तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष रहेंगे। ऐसे में विधान परिषद चुनाव को उन्होंने सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने के अवसर के रूप में पेश किया। कुल मिलाकर, बिहार MLC चुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने NDA की एकजुटता पर सवाल उठाते हुए जन सुराज के लिए समर्थन मांगा है। अब चुनाव परिणाम बताएंगे कि मतदाताओं का रुख किस ओर रहता है।