पटना | 20 जुलाई 2026
बिहार विधानसभा के पांच दिवसीय मानसून सत्र के पहले दिन राजनीतिक हंगामे के बीच राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 87,383.43 करोड़ रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सदन में बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि अतिरिक्त राशि का उद्देश्य विकास परियोजनाओं को गति देना और जनकल्याणकारी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है।
वार्षिक योजनाओं के लिए सबसे बड़ा प्रावधान
सरकार के अनुसार, अनुपूरक बजट में 57,077.96 करोड़ रुपये वार्षिक योजनाओं के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। इसके अलावा 39.48 करोड़ रुपये केंद्र प्रायोजित योजनाओं (Central Scheme) के लिए तथा 32,265 करोड़ रुपये वेतन और पेंशन मद में खर्च किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इस अतिरिक्त बजट से अधूरी परियोजनाओं को तेजी मिलेगी और नई योजनाओं को भी गति मिलेगी।
इन क्षेत्रों को मिली प्राथमिकता
अनुपूरक बजट में सड़क, पुल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, छात्रवृत्ति, मेडिकल कॉलेज, पटना मेट्रो और बिजली सब्सिडी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का कहना है कि बजट का उद्देश्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
हंगामे के बीच शुरू हुआ मानसून सत्र
मानसून सत्र की शुरुआत विपक्ष के जोरदार विरोध प्रदर्शन के साथ हुई। विपक्षी दलों ने परीक्षा प्रणाली, छात्रों के मुद्दों और अन्य विषयों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। वहीं सरकार ने सदन में अपने 100 दिनों की उपलब्धियों के साथ अनुपूरक बजट और कई महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत किए। पहले दिन की कार्यवाही के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की बैठक 21 जुलाई को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का पहला संबोधन
विधान परिषद में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पहली बार सदन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, दलित, महादलित, पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए लगातार काम किया है। उन्होंने दावा किया कि बिहार ने विकास के कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और आने वाले समय में सरकार विकास कार्यों की रफ्तार और तेज करेगी।




