पटना | 09 जुलाई 2026
बिहार में मानसून के सक्रिय होने और लगातार बारिश के बीच राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में परोसे जाने वाले मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। शिक्षा विभाग ने बरसात के मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मिड-डे मील के मेन्यू में कुछ सब्जियों के उपयोग पर अस्थायी रोक लगा दी है। नए निर्देशों के तहत अब सरकारी विद्यालयों में बैंगन, भिंडी, पत्ता गोभी और सभी प्रकार के पत्तेदार साग बच्चों के भोजन में शामिल नहीं किए जाएंगे।
सभी जिलों को भेजे गए निर्देश
मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्र की ओर से राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO) को इस संबंध में आधिकारिक पत्र भेजा गया है। पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि बरसात के दौरान भोजन तैयार करते समय स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और ताजी सामग्री के उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। अधिकारियों को विद्यालयों में इन निर्देशों के पालन की नियमित निगरानी करने के लिए भी कहा गया है।
इन सब्जियों की जगह मिलेंगी मौसमी और सुरक्षित सब्जियां
शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि प्रतिबंधित सब्जियों की जगह स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ताजी, स्वच्छ और सुरक्षित मौसमी सब्जियों का उपयोग किया जाए। इसका उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है, साथ ही खाद्य जनित बीमारियों के जोखिम को भी कम करना है।
संक्रमण के खतरे को देखते हुए लिया गया फैसला
विभाग के अनुसार, बरसात के मौसम में बैंगन, भिंडी, पत्ता गोभी और पत्तेदार साग में कीड़े, बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्म संक्रमण होने की संभावना अधिक रहती है। यदि इनकी सही तरीके से सफाई और पकाने की प्रक्रिया न अपनाई जाए तो फूड प्वाइजनिंग और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसी जोखिम को कम करने के लिए यह एहतियाती फैसला लिया गया है।
खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर रहेगा जोर
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि भोजन तैयार करने वाले रसोइयों को साफ-सफाई के नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। साथ ही भोजन की गुणवत्ता, रसोई की स्वच्छता और सामग्री की नियमित जांच सुनिश्चित की जाएगी, ताकि राज्य के लाखों बच्चों को सुरक्षित, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जा सके।




