पटना | 30 जुलाई 2026
बिहार सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय को सरकारी सेवाओं में समान अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकार की सभी सरकारी भर्तियों में हर 500 पदों पर एक पद ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रहेगा। यह व्यवस्था शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व समेत विभिन्न विभागों की भर्ती प्रक्रियाओं में लागू होगी।
सभी विभागों और भर्ती एजेंसियों को जारी हुए निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागों के सचिवों, विभागाध्यक्षों, प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों और प्रमुख भर्ती एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें बीपीएससी, बीएसएससी, बीपीएसएससी, बीटीएससी, बीसीईसीई और सीएसबीसी जैसी एजेंसियां शामिल हैं।
अब भविष्य में जारी होने वाले भर्ती विज्ञापनों में ट्रांसजेंडर वर्ग के लिए आरक्षित पदों का अलग से उल्लेख किया जाएगा।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद लागू हुआ फैसला
सरकार ने यह निर्णय पटना हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया। बैठक में सामान्य प्रशासन, समाज कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्ताव पर सहमति दी। सरकार ने किन्नर, कोठी और ट्रांसजेंडर समुदाय को थर्ड जेंडर श्रेणी में शामिल करते हुए यह नीति लागू की है।
हर 500 पदों का अलग रोस्टर बनेगा
नई व्यवस्था के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में प्रत्येक 500 पदों का एक अलग समूह बनाया जाएगा, जिसमें एक पद ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी के लिए आरक्षित रहेगा। यदि सामान्य चयन प्रक्रिया में ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी चयनित नहीं होता है, तो उसी समूह के रोस्टर में निर्धारित व्यवस्था के तहत उसे अवसर दिया जाएगा।
योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने पर क्या होगा?
यदि किसी भर्ती में योग्य ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होता है, तो संबंधित आरक्षित पद अगले भर्ती चक्र के लिए सुरक्षित नहीं रखा जाएगा। ऐसे पद को नियमानुसार अन्य पात्र अभ्यर्थी से भरा जाएगा।
उम्र सीमा में मिलेगी विशेष छूट
सरकार ने ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के समान छूट देने का भी फैसला किया है, जिससे अधिक अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में अवसर मिल सके।
बिहार पुलिस भर्ती में महिलाओं जैसे होंगे नियम
बिहार पुलिस में सिपाही और पुलिस अवर निरीक्षक (SI) भर्ती के दौरान ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों के लिए शारीरिक मापदंड और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के नियम महिला अभ्यर्थियों के समान लागू होंगे। इससे पुलिस भर्ती प्रक्रिया में उनके लिए स्पष्ट और समान अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे।




