पटना, 3 नवंबर 2026 : बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 6,490 करोड़ रुपये की लागत से दो बड़ी फोरलेन सड़क परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है। इनमें नवादा जिले के रजौली से झारखंड के कोडरमा तक सड़क निर्माण और मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक एनएच-22 को फोरलेन बनाने की योजना मुख्य रूप से शामिल है। इन दोनों परियोजनाओं से बिहार का झारखंड और नेपाल के साथ सड़क संपर्क और बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही व्यापार, पर्यटन और माल ढुलाई को भी बढ़ावा मिल सकता है।
रजौली से कोडरमा तक 2,900 करोड़ से बनेगी फोरलेन सड़क
पहली परियोजना के तहत बिहार के हरदिया (रजौली) से झारखंड के कोडरमा तक 28.6 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाने की योजना है। इस परियोजना पर 2,900 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। यह सड़क रजौली-बख्तियारपुर कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। फिलहाल परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। इसमें सड़क के अलाइनमेंट और अन्य तकनीकी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। इस सड़क के बनने से नवादा के रजौली क्षेत्र से झारखंड के कोडरमा तक आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा। इससे निजी वाहनों के साथ-साथ व्यावसायिक और मालवाहक वाहनों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
मुजफ्फरपुर से सोनबरसा तक 3,590 करोड़ से बनेगी फोरलेन सड़क
दूसरी बड़ी परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-22 (NH-22) से जुड़ी है। इसके तहत मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा तक 82.578 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 3,590.73 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। यह सड़क मुजफ्फरपुर जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्र को सीतामढ़ी और भारत-नेपाल सीमा से जोड़ेगी। इसके बनने से सीमा क्षेत्र में यात्रियों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही आसान हो सकती है। सड़क कनेक्टिविटी से बिहार और नेपाल के बीच क्षेत्रीय व्यापार को काफी बढ़ावा मिलेगा।
सीतामढ़ी और आसपास के जिलों को भी मिलेगा फायदा
मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन परियोजना का लाभ सीतामढ़ी और आसपास के इलाकों को भी मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा होगी। इससे सीतामढ़ी स्थित पुनौरा धाम मंदिर तक पहुंचना भी आसान हो सकता है। यह स्थल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। सड़क निर्माण के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा स्थानीय बाजारों, व्यापारिक गतिविधियों और परिवहन सेवाओं को भी लाभ मिल सकता है।
बिहार के सड़क नेटवर्क को मिलेगी नई मजबूती
6,490 करोड़ रुपये की इन दोनों परियोजनाओं का उद्देश्य बिहार के सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाना है। रजौली-कोडरमा सड़क से बिहार और झारखंड के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जबकि मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा फोरलेन से नेपाल सीमा तक पहुंच आसान होगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यात्रियों, व्यापारियों और मालवाहक वाहनों को अच्छी सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि दोनों परियोजनाओं की निर्माण समय-सीमा की जानकारी का इंतजार रहेगा।






