पटना, 29 अक्टूबर 2026 : बिहार में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 43 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इनमें बिहार एमएसएमई नीति-2026, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नीति-2026 और बायोफ्यूल एवं कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2026 मुख्य रूप से शामिल हैं। राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने और एक करोड़ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इस बैठक में बिजली व्यवस्था, सड़क निर्माण, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है।
बिहार MSME नीति-2026 को मंजूरी, सभी 38 जिलों में बनेंगे केंद्र
कैबिनेट ने बिहार एमएसएमई नीति-2026 को स्वीकृति दी है। इसके तहत राज्य के सभी 38 जिलों में एमएसएमई केंद्र स्थापित करने और प्रत्येक जिले में एक औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की योजना है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्लस्टर विकास योजना (CM-CDP)-2026 को भी मंजूरी दी गई। बिहार सरकार का उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करना, स्थानीय स्तर पर कारोबार के अवसर बढ़ाना और रोजगार सृजन को गति देना है। सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद नियमावली-2026 को भी स्वीकृति दी गई है। किशनगंज जिले के ठाकुरगंज स्थित गलगलिया चेक पोस्ट क्षेत्र में मेसर्स ईस्टर्न एग्रो केमिकल्स लिमिटेड की औद्योगिक इकाई के लिए वित्तीय प्रोत्साहन क्लीयरेंस को मंजूरी मिली। गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर स्थित राजापट्टी में मेसर्स वेस्टवेल बायोरिफाइनरीज प्राइवेट लिमिटेड को भी वित्तीय प्रोत्साहन देने की स्वीकृति दी गई है।
बिहार AI और बायोफ्यूल नीति-2026 को भी मंजूरी
राज्य सरकार ने बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नीति-2026 को लागू करने की मंजूरी दी है। इसके अलावा बिहार बायोफ्यूल एवं कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2026 को भी स्वीकृति मिली है। इन नीतियों के जरिए तकनीक आधारित विकास और वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने की योजना है। हालांकि, इनके तहत मिलने वाली सुविधाओं और लागू होने की विस्तृत शर्तों की जानकारी संबंधित सरकारी अधिसूचनाओं से स्पष्ट होगी।
बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए 11,096 करोड़ खर्च होंगे
बिहार में बिजली वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अगले तीन वर्षों में 11,096.55 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी गई है। इस राशि का इस्तेमाल लो-टेंशन (LT) प्रणाली को मजबूत करने, पुराने केबल बदलने और अधिक भार वाले ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने में किया जाएगा। योजना के तहत नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 6,066 करोड़ रुपये और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 5,030.55 करोड़ रुपये तक वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने की अनुमति दी गई है। इस ऋण के लिए राज्य सरकार गारंटी भी देगी। इसके अलावा दरभंगा और खगौल ग्रिड उपकेंद्रों में 200 एमवीए क्षमता के दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए 33.44 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिली है।
आर्थिक अपराध इकाई में 143 नए पद सृजित होंगे
कैबिनेट ने आर्थिक अपराध इकाई के विस्तार और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए 143 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है। मोतिहारी, पूर्णिया और सारण जिलों में नगर पुलिस अधीक्षक के तीन पदों सहित कार्यालय संचालन के लिए कुल 12 पदों के सृजन को भी स्वीकृति मिली है। इसके साथ ही फॉरेंसिक कार्यालयों को गृह विभाग के प्रत्यक्ष नियंत्रण में संचालित करने के लिए निदेशालय की स्थायी संरचना बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
पटना में अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर की व्यवहार्यता का अध्ययन
राजधानी पटना में अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर बनाने की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए 18.21 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यह राशि परियोजना की व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए है; इसे निर्माण कार्य की कुल लागत नहीं माना जाना चाहिए। इसके अलावा विश्वामित्र पथ, गंगा अंबिका पथ और नारायणी पथ के विकास से संबंधित परामर्शी सेवाओं के लिए 37.10 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
इंजीनियरिंग के 49 हजार विद्यार्थियों के लिए छात्रावास
सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों में पढ़ने वाले लगभग 49 हजार विद्यार्थियों के लिए निजी भवनों में छात्रावास की व्यवस्था की जाएगी। इस योजना पर हर साल 58.80 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी मिली है। इस फैसले का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए रहने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
WhatsApp से मिलेंगी सरकारी सेवाओं की जानकारी
राज्य के नागरिकों को सरकारी सेवाओं और उनसे जुड़ी जानकारियां व्हाट्सऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने के लिए बीएसएनएल के चयन और 2.34 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। इस व्यवस्था के जरिए सरकारी सूचनाओं और सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनाने की योजना है।
बिहार राज्य खेल-2026 के लिए 12 करोड़ रुपये
कैबिनेट ने बिहार राज्य खेल-2026 के आयोजन के लिए बिहार ओलंपिक संघ को 12 करोड़ रुपये देने की स्वीकृति दी है। इसके अलावा बंद मोतीपुर चीनी मिल की 151.58 एकड़ भूमि उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। इससे संबंधित औद्योगिक विकास की आगे की योजना विभागीय प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।
बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले एक नजर में
- 43 प्रस्ताव : राज्य मंत्रिमंडल ने कुल 43 प्रस्तावों को मंजूरी दी।
- एक करोड़ परिवार : अगले पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य।
- एक करोड़ रोजगार : प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करने की योजना।
- 38 जिलों में MSME केंद्र : हर जिले में एमएसएमई केंद्र और औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की योजना।
- 11,096.55 करोड़ रुपये : बिजली वितरण व्यवस्था मजबूत करने के लिए तीन वर्षों में खर्च की मंजूरी।
- 143 नए पद : आर्थिक अपराध इकाई का विस्तार।
- 18.21 करोड़ रुपये : पटना अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर की व्यवहार्यता अध्ययन के लिए।
- 12 करोड़ रुपये : बिहार राज्य खेल-2026 के आयोजन के लिए।
उद्योग, रोजगार, बिजली, सड़क, शिक्षा व डिजिटल सेवाओं पर जोर
बिहार कैबिनेट के इन फैसलों में उद्योग, रोजगार, बिजली, सड़क, शिक्षा और डिजिटल सेवाओं पर विशेष जोर दिया गया है। MSME नीति-2026 के तहत सभी 38 जिलों में केंद्र स्थापित करने और अगले पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य राज्य की औद्योगिक विकास योजना का अहम हिस्सा है। हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक असर उनके क्रियान्वयन, निवेश, उद्यमियों को मिलने वाली सुविधाओं और रोजगार के अवसरों पर निर्भर करेगा।




