पटना, 29 अक्टूबर 2026 : बिहार की राजनीति में विधायक अनंत सिंह को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से निष्कासित किए जाने का मामला चर्चा में है। इस बीच जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने पार्टी की कार्रवाई का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक दल को चलाने के लिए अनुशासन बहुत जरूरी है। पार्टी में अनुशासन नहीं रहेगा तो अराजकता की स्थिति पैदा हो सकती है। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि जदयू में फैसले तय प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं और निर्णय पर नीतीश कुमार की अंतिम मुहर लगती है। उनके बयान को अनंत सिंह पर हुई कार्रवाई के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।

नीतीश कुमार की मंजूरी के बाद हुई कार्रवाई: संजय झा

अनंत सिंह पर पार्टी की कार्रवाई से जुड़े सवाल पर संजय झा ने कहा कि जदयू में फैसले सामूहिक सहमति और संगठन की प्रक्रिया के अनुसार होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के फैसले पर नीतीश कुमार की मंजूरी भी होती है। संजय झा के मुताबिक, पार्टी में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। संगठन के नियमों का पालन नहीं होने पर व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि पार्टी परिस्थितियों और नियमों को ध्यान में रखकर निर्णय लेती है।

अनंत सिंह और नीलम देवी को 6 साल के लिए जदयू से निकाला गया

जदयू ने मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। पार्टी ने दोनों की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने की घोषणा की थी। यह कार्रवाई बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट के चुनाव के दौरान पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन करने के मामले में की गई। जदयू ने अनंत सिंह पर पार्टी के निर्देशों की अनदेखी करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया। पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष से अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया पर विचार करने का अनुरोध किया है। हालांकि विधानसभा सदस्यता को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।

नीरज कुमार की जीत पर अनंत सिंह ने क्या कहा ?

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार की जीत पर बीहुबली विधायक अनंत सिंह ने इसे जनता का फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि जनता ने जिसे चुना है, उसके निर्णय का सम्मान किया जाना चाहिए। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि उन्हें चुनाव परिणाम से कोई निराशा नहीं है। उनके मुताबिक, वह पहले भी अपनी पार्टी के खिलाफ नहीं बोल रहे थे और आगे भी ऐसा नहीं करेंगे।

संजय झा ने कांग्रेस पर भी साधा निशाना

संजय झा ने चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने राहुल गांधी से चुनाव परिणाम पर जवाब देने की बात कही। इस तरह उनके बयान में एक ओर अनंत सिंह पर जदयू की कार्रवाई का समर्थन और दूसरी ओर चुनावी नतीजों को लेकर कांग्रेस पर सवाल शामिल रहे।

बिहार की राजनीति में क्यों अहम है यह मामला ?

मोकामा के विधायक अनंत सिंह पर कार्रवाई जदयू के संगठनात्मक अनुशासन और पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के समर्थन से जुड़ी है। पार्टी ने जहां इसे अनुशासनात्मक कदम बताया, वहीं अनंत सिंह ने चुनाव परिणाम को जनता का निर्णय मानने की बात कही है। फिलहाल उनकी विधानसभा सदस्यता से संबंधित प्रक्रिया और पार्टी के भीतर इस घटनाक्रम के आगे के प्रभाव पर नजर बनी हुई है। संजय झा ने अनंत सिंह पर जदयू की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा है कि पार्टी अनुशासन से चलती है और फैसले पर नीतीश कुमार की मंजूरी होती है। वहीं, विधायक अनंत सिंह ने नीरज कुमार की जीत को जनता का फैसला बताते हुए उसका सम्मान करने की बात कही है।